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Northeast Rainfall: नॉर्थ ईस्ट पानी-पानी, उफान पर नदियां, रेल पटरियां डूबी; असम में ट्रेनें प्रभावित

पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है। खासकर, असम में 7 नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। लगातार जारी बारिश से पानी रेल पटरियों तक पहुंच चुका है, जिससे कई मुख्य ट्रेनों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। भारी बारिश और भूस्खलन से बदरपुर-लुमडिंग पहाड़ी खंड को खतरा पैदा हो गया है, जो बराक घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है।

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असम में बाढ़ से ट्रेनें प्रभावित

गुवाहाटी : दक्षिणी असम के सिलचर समेत कई हिस्सों में भारी बारिश के परिणामस्वरूप रेल पटरियों पर बढ़ते जल स्तर और वाशिंग पिट्स में जलभराव के कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (एनएफआर) के प्रवक्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी। एनएफआर के एक अन्य अधिकारी के मुताबिक भारी बारिश और भूस्खलन से बदरपुर-लुमडिंग पहाड़ी खंड को खतरा पैदा हो गया है, जो बराक घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। हालांकि रेल यातायात बाधित नहीं हुआ है तथा रेल मार्ग के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर कर्मचारियों और प्रौद्योगिकी की तैनाती की गई है।

एनएफआर के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि रेलवे पटरियों पर बढ़ते जल स्तर और सिलचर वाशिंग पिट्स में जलभराव को देखते हुए एनएफआर के कुछ खंडों पर ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इसके परिणामस्वरूप, कुछ रेलगाड़ियां रद्द कर दी गई हैं, कुछ के मार्ग को छोटा कर दिया गया है अथवा कुछ का समय पुनर्निर्धारित किया गया है। बदरपुर-दुल्लाबचेरा, दुल्लाबचेरा-बदरपुर, सिलचर-दुल्लाबचेरा और अगरतला-धर्मनगर पैसेंजर ट्रेनें आज के लिए रद्द कर दी गई हैं।

एनएफआर के प्रवक्ता ने बताया कि दुल्लाबचेरा-सिलचर और धर्मनगर-अगरतला यात्री ट्रेन बृहस्पतिवार को भी रद्द रहेंगी। भूस्खलन, जल निकासी संबंधी मुद्दों और तटबंध स्थिरता से जुड़े जोखिमों से निपटने के लिए तकनीकी पहल भी अपनाई है। इनमें बदरपुर-लुमडिंग पहाड़ी खंड के 80 किलोमीटर क्षेत्र में ड्रोन आधारित लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग, उच्च-रिज़ॉल्यूशन हवाई इमेजिंग और विद्युत चुम्बकीय सर्वेक्षण शामिल हैं।

असम में बाढ़

असम में बाढ़ की स्थिति बुधवार को भी बहुत गंभीर बनी हुई है और लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में जलस्तर बढ़ गया और नए इलाके जलमग्न हो गए। ब्रह्मपुत्र सहित सात नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) ने राज्य में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान जताया है। धुबरी, दक्षिण सलमारा-मनकाचर, ग्वालपारा और कोकराझार में गरज के साथ बारिश होने और बिजली चमकने तथा 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। एएसडीएमए की रिपोर्ट के मुताबिक, हैलाकांडी, श्रीभूमि, मोरीगांव, कछार, सोनितपुर और तिनसुकिया जिलों में छह और लोगों की जान चली गई और 21 जिलों में लगभग 6.5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इस वर्ष बाढ़ और भूस्खलन में मरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 17 हो गई है। "सुबह से ही निचले असम के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। बारपेटा, बोंगाईगांव, नलबाड़ी, ग्वालपारा और बक्सा के कई स्थान प्रभावित हुए हैं।

अरुणाचल प्रदेश भारी बारिश से बाढ़

अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण पूरे राज्य में नए सिरे से भूस्खलन और जलभराव की आशंका पैदा हो गई है। राज्य के 23 जिलों में 3,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल मानसून की बारिश के कारण हुए भूस्खलन और बाढ़ के कारण कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है, जबकि दो लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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