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रूस से हार के बावजूद भारतीय महिला फुटबॉल टीम के कोच ने किया टीम का समर्थन, कहा- अच्छे भविष्य को सोचकर बढ़ना होगा

Coach Crispin Chettri backs India Women Football Team: रूस से हारने के बाद, भारतीय महिला फुटबॉल टीम के हेड कोच क्रिस्पिन छेत्री ने अपनी युवा टीम के आगे भी बेहतर होते रहने पर भरोसा जताया। गुरुवार को यहां खेले गए दो इंटरनेशनल फ्रेंडली मैचों में से पहले मैच में भारत को रूस से 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था।

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भारतीय महिला फुटबॉल टीम बनाम रूस महिला फुटबॉल टीम (X/Indianfootball)

एक इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच में रूस से हारने के बाद, भारतीय महिला फुटबॉल टीम के हेड कोच क्रिस्पिन छेत्री ने अपनी युवा टीम के आगे भी बेहतर होते रहने पर भरोसा जताया। गुरुवार को यहां खेले गए दो इंटरनेशनल फ्रेंडली मैचों में से पहले मैच में भारत को रूस से 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। नतीजे के बावजूद, छेत्री अपनी खिलाड़ियों के जज्बे से खुश थे, खासकर मैच की शुरुआत में दिखाए गए खेल से। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत अपने लंबे समय के लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है, इसलिए इस मैच से मिली सीख को आगे ले जाना ज़रूरी है।

छेत्री ने गुरुवार को मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मुझे लगता है कि इस मैच की अच्छी बात यह है कि युवा टीम होने के बावजूद हमने जज्बा दिखाया। हम दबाव बनाने (प्रेसिंग) से नहीं डरते; हम दौड़ने से नहीं डरते। हम ऐसी चीजें करने की कोशिश करते हैं जो हमारे कंट्रोल में हैं।"

'ब्लू टाइग्रेस' (भारतीय महिला फुटबॉल टीम) के हेड कोच ने टीम के 25 दिन के कैंप के दौरान खिलाड़ियों के कमिटमेंट की भी तारीफ़ की और रूस की मज़बूत शारीरिक बनावट और सेट-पीस का सामना करने में उनकी कोशिशों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, "सबसे ज़रूरी बात यह है कि हमने जज्बा दिखाया, हमने हार नहीं मानी। तो मेरे लिए यही सबसे अच्छी बात है।"

छेत्री ने माना कि जून के बाद से कॉम्पिटिटिव फुटबॉल न खेल पाना एक चुनौती थी, खासकर रूस जैसी टीम के खिलाफ जो अपने लीग सीज़न के बीच में है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए बहुत काम का होगा क्योंकि वे इंटरनेशनल लेवल पर आगे बढ़ रही हैं।

11 अक्टूबर को होने वाले दूसरे फ्रेंडली मैच के बारे में बात करते हुए छेत्री ने बताया कि टीम लंबे समय तक अपनी तीव्रता (इंटेंसिटी) बनाए रखने की क्षमता को बेहतर बनाने पर काम करेगी। साथ ही, वे उन युवा खिलाड़ियों को और मौके देंगे जो पहले मैच के आखिरी हिस्से में खेले थे। 2029 AFC महिला एशियन कप को ध्यान में रखते हुए, छेत्री ने ज़ोर दिया कि खिलाड़ियों का एक बड़ा पूल तैयार करना टीम की तरक्की के लिए बहुत ज़रूरी है।

रूस के खिलाफ दूसरा मैच उभरते हुए खिलाड़ियों के ग्रुप को कीमती इंटरनेशनल अनुभव हासिल करने और गुरुवार के मैच से मिली सीख को आगे बढ़ाने का एक और मौका देगा।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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