Noida Bomb Hoax Arrest: उत्तर प्रदेश STF ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नोएडा के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जांच में जो खुलासा हुआ है, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। पुलिस ने बिसरख इलाके के एक घर से छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जो न केवल धमकी भरे ईमेल भेज रहे थे, बल्कि वहां से एक अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी रैकेट भी चला रहे थे।
नोएडा के 20 स्कूलों में मचा था हड़कंप
बीती 23 जनवरी को नोएडा के करीब 20 नामी स्कूलों को एक ईमेल मिला था, जिसमें दावा किया गया था कि स्कूल परिसर में बम रखे गए हैं। गणतंत्र दिवस से ठीक पहले मिली इस धमकी ने पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए थे। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने घंटों छानबीन की, लेकिन अंत में ये सभी धमकियां फर्जी निकलीं।
अमेरिका से बांग्लादेश और फिर बिसरख तक पहुंची जांच
STF के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि इन ईमेल की तकनीकी जांच शुरू में अमेरिका के सर्वर तक ले गई। लेकिन जब गहराई से छानबीन की गई, तो पता चला कि ईमेल आईडी एक 'रिकवरी ईमेल' से जुड़ी थी, जिसका तार बांग्लादेश से जुड़ा था। डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए STF की टीम आखिरकार ग्रेटर नोएडा के बिसरख स्थित एक मकान तक पहुंच गई।
छापेमारी में मिला 'सट्टेबाजी का अड्डा'
शुक्रवार को जब एसटीएफ ने बिसरख के उस घर में छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए। उस घर से एक अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट चलाया जा रहा था। वहां करीब 30 लोग काम कर रहे थे, जिनमें से मुख्य छह आरोपियों, अमीश जंग कारी, लेखनाथ, केदारनाथ, अनंत कुमार, दिव्यांशु और साहिल कुमार को हिरासत में लिया गया।
नेपाल के एमबीए और बीबीए डिग्री धारक निकले मास्टरमाइंड
हैरानी की बात यह है कि पकड़े गए आरोपियों में से तीन नेपाल के नागरिक हैं और उच्च शिक्षित हैं। मुख्य आरोपी अमीश जंग कारी ने ऑस्ट्रेलिया से बीबीए किया है, जबकि लेखनाथ और केदारनाथ के पास एमबीए की डिग्रियां हैं। इन्होंने 'गेममैनो' (Gamemano) नाम से एक गेमिंग ऐप बनाया था और इसके जरिए भारत, नेपाल और अमेरिका के लोगों को चूना लगा रहे थे।
बिटकॉइन और हवाला के जरिए लेनदेन
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे वीपीएन (VPN) का इस्तेमाल कर अपनी लोकेशन अमेरिका की दिखाते थे और खुद को सट्टेबाजी ऐप के 'टेक सपोर्ट' कर्मचारी बताते थे। वे लोगों को बड़े दांव लगाने के लिए लालच देते और भुगतान बिटकॉइन में लेते थे। इसके बाद उस रकम को हवाला के जरिए ट्रांसफर कर दिया जाता था।
ईमेल का सुराग भी मिला
STF ने मौके से 4 लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, 16 डेबिट-क्रेडिट कार्ड और नेपाली पासपोर्ट जब्त किए हैं। सबसे अहम सबूत एक मोबाइल फोन से मिला, जिसमें वही रिकवरी ईमेल आईडी लॉग-इन थी, जिससे स्कूलों को धमकी भेजी गई थी। हालांकि, इन सट्टेबाजों ने स्कूलों को धमकी क्यों दी, इसका असली मकसद अभी भी जांच का विषय है।
