Noida News: नोएडा पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो Grindr (ग्राइंडर) जैसे गे डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर लूटपाट की वारदातों को अंजाम देता था। थाना सेक्टर-113 की पुलिस ने इस गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी दोस्ती के बहाने लोगों को बुलाते थे और फिर डरा-धमकाकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे।
क्या है पूरा मामला?
नोएडा के एडिशनल डीसीपी (ADCP) मनीषा सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि थाना सेक्टर-113 पुलिस को पिछले कुछ समय से ग्राइंडर नाम के डेटिंग ऐप के जरिए लूटपाट की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस ने जाल बिछाकर गिरोह के तीन सदस्यों, शिवम झा, सागर ठाकुर और कमल को धर दबोचा। सभी आरोपी पिछले कुछ महीनों से होशियारपुर में किराये के मकान में रह रहे थे और ऐप के जरिए सेक्टर 113 थाना क्षेत्र में ही वारदात को अंजाम देते थे।
कैसे काम करता था गैंग?
यह गैंग बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी Grindr ऐप पर अपनी फर्जी प्रोफाइल बनाते थे और लोगों से दोस्ती करते थे। जब सामने वाला व्यक्ति मिलने के लिए तैयार हो जाता, तो उसे किसी सुनसान जगह या तय ठिकाने पर बुलाया जाता था। जैसे ही पीड़ित वहां पहुंचता, आरोपी उसे अपनी बलिनो कार में बैठा लेते थे। कार के भीतर उसे हथियारों या मारपीट का डर दिखाकर धमकाया जाता था। इसके बाद आरोपी पीड़ित के मोबाइल से जबरन ऑनलाइन पैसे ट्रांजेक्शन करवाते थे और नकद रुपए भी लूट लेते थे।
पुलिस की बरामदगी और कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 30,000 रुपए नकद, शिकार फंसाने में इस्तेमाल होने वाले 4 मोबाइल फोन, और वारदात में इस्तेमाल होने वाली एक बलिनो कार बरामद किए हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
