नोएडा

हाथ मिलाने को तैयार एक्वा लाइन और ब्लू लाइन मेट्रो, 51-52 स्टेशन पर स्काईवॉक का काम फिर शुरू

Noida: नोएडा सेक्टर 51 (एक्वा लाइन कॉरिडोर) और सेक्टर 52 (ब्लू लाइन कॉरिडोर) को एक दूसरे से जोड़ने के लिए नोएडा प्राधिकरण द्वारा स्काईवॉक का निर्माण किया जा रहा है। दो महीने से बंद स्काईवॉक का कार्य फिर शुरू किया जाएगा। दिसंबर के अंत तक नोएडा प्राधिकरण द्वारा इसे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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हाथ मिलाने को तैयार एक्वा लाइन और ब्लू लाइन मेट्रो

नोएडा सेक्टर 51 (एक्वा लाइन) और सेक्टर 52 (ब्लू लाइन) को स्काईवॉक के साथ जोड़ने का काम किया जा रहा था। लेकिन पिछले दो महीने से स्काईवॉक का काम बंद है। दो महीने बाद अब स्काईवॉक का काम पुनः शुरू किया जाएगा। कार्य शुरू करने के लिए प्राधिकरण के ओएसडी महेंद्र प्रसाद गुरुवार को परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान परियोजना से जुड़े अधिकारियों से बात की गई और उन्हें जनवरी के अंत तक कार्य पूरा करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के लिए बता दें कि परियोजना का 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

क्यों बंद हुआ था स्काईवॉक का कार्य

स्काईवॉक परियोजना की लागत बढ़ने के कारण एजेंसी को निर्माण कार्य पर रोक लगानी पड़ी थी। एजेंसी द्वारा अतिरिक्त लागत प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया। 6 करोड़ की अतिरिक्त लागत को मंजूरी मिलने के बाद स्काईवॉक का काम पुनः शुरू कर दिया गया है। इसी संबंध में प्राधिकरण के ओएसडी ने परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और इसे जनवरी के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए।

बता दें कि अक्टूबर 2023 तक परियोजना को पूरा किया जाना था, लेकिन लागत बढ़ने के कारण काम में देरी हुई। स्काईवॉक का निर्माण इकबाल कंस्ट्रक्शन एजेंसी द्वारा किया जा रहा है। एजेंसी द्वारा प्राधिकरण से अतिरिक्त लागत और 2 महीने का समय मांगा गया था, जिसके लिए शुरुआत में मंजूरी नहीं मिली। लेकिन अब मंजूरी मिलने के बाद इसे दिसंबर अंत तक पूरा करने के निर्देश हैं।

स्काईवॉक से यात्रियों को मिलेगा लाभ

जानकारी के लिए बता दें कि नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के दोनों स्टेशनों से प्रतिदिन हजारों लोग यात्रा करते हैं। ग्रेनो तक बने एक्वा लाइन कॉरिडोर और ब्लू लाइन कॉरिडोर के बीच करीब 480 मीटर की दूरी है। इन दोनों कॉरिडोर को एक दूसरे से जोड़ने के लिए नोएडा प्राधिकरण द्वारा 3 साल पहले स्काईवॉक बनाने का निर्णय लिया गया था। प्रस्ताव व डीपीआर आदि की प्रक्रिया पूरी करने के बाद स्काईवॉक का निर्माण कार्य पिछले साल शुरू किया गया था। ओएसडी महेंद्र प्रसाद ने बताया कि 2025 की शुरुआत में नोएडा के लोगों को इस स्काईवॉक की सौगात मिल जाएगी। इससे मेट्रो में यात्रा करने वाला यात्रियों को नीचे उतरना नहीं पड़ेगा वह एक कॉरिडोर से दूसरे कॉरिडोर में ट्रैवलेटर के माध्यम से प्रवेश कर सकेंगे।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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