दिल्ली से नोएडा और नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच दो अलग कंपनियों द्वारा मेट्रो के संचालन किया जाता है। यही कारण है कि मेट्रो में दिल्ली से ग्रेटर नोएडा यात्रा करने वाले लोगों को 2 बार टिकट लेनी पड़ती है। लेकिन अब बार-बार टिकट लेने की इस झंझट को खत्म करने की तैयारी की जा रही है। अब मेट्रो में यात्रा करने वाले यात्री दोनों में से किसी भी मेट्रो कॉरपोरेशन के स्टेशन और मोबाइल ऐप से टिकट ले पाएंगे। लोगों की परेशानी को खत्म करने के लिए इस योजना पर काम शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार, अगले तीन से चार महीने में यह व्यवस्था लागू किए जाने की उम्मीद जताई गई है। व्यवस्था के लागू होने के बाद अलग-अलग टिकट लेने की झंझट से लोगों को निजात मिलेगी और वह एक ही बार में अपने गंतव्य के लिए टिकट ले पाएंगे।
दिल्ली से ग्रेटर नोएडा जाने के लिए लेनी पड़ती है अलग-अलग टिकट
दिल्ली के द्वारका से नोएडा के सेक्टर 63 इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्टेशन ब्लू लाइन पर है। वहीं मजेंटा लाइन बॉटनिकल गार्डन से जनकपुरी तक जाती है। नोएडा से ग्रेटर नोएडा डिपो तक मेट्रो का संचालन किया जाता है, जो सेक्टर 51 से चलती है। इन तीनों लाइनों पर यात्रा करने वाले सबसे अधिक लोग वो हैं जो दिल्ली आते जाते हैं। दिल्ली से नोएडा तक डीएमआरसी द्वारा मेट्रो का संचालन किया जाता है, जिसकी टिकट लेकर यात्री नोएडा पहुंचते हैं। नोएडा से ग्रेटर नोएडा में मेट्रो का संचालन एनएमआरसी यानी नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा किया जाता है, जिसमें नोएडा से एक अलग टिकट लेकर यात्री ग्रेटर नोएडा डिपो तक यात्रा करते है। दो अलग कॉरपोरेशन की टिकट लेने में उनका काफी समय जाता है। इस असुविधा को खत्म करने के लिए ही एक टिकट की नई व्यवस्था तैयार की जा रही है।
इस योजन को पूरा करने का काम तेजी से किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले 3 से 4 महीने में व्यवस्था शुरू हो जाएगी। मेट्रो से यात्रा करने वाले यात्रियों को डीएमआरसी और एनएमआरसी की अलग-अलग ऐप यूज कर टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह किसी भी एक ऐप से टिकट लेकर यात्रा कर सकते हैं। इससे टिकट लेने का समय भी बचेगा और यात्रा के दौरान दिक्कत भी कम होगी।
एक कार्ड के लिए अभी करना होगा और इंतजार
एक टिकट के साथ एक कार्ड की योजना भी बनाई गई है। लेकिन बता दें कि एक कार्ड की योजना आज की नहीं है। इस योजना पर करीब चार-पांच साल से काम चल रहा है, लेकिन योजना पर काम शुरू नहीं हो पाया है। यह अभी फाइलों में ही घूम रही है। धरातल पर एक कार्ड योजना को आने में अभी और समय लग सकता है। सूत्रों से मिली सूचना के अनुसार, आने वाले 6 महीने या साल भर में एक कार्ड की योजना भी शुरू हो जाएगी।
