Greater Noida Expressway Speed Limit: ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर अगले महीने से रफ्तार पर ब्रेक लगने वाला है। दिसंबर से वाहनों की स्पीड लिमिट को घटा दिया जाएगा। इसके साथ ही एमपी टू स्थित एलिवेटेड रोड पर भी वाहनों की स्पीड लिमिट कम कर दी गई है। कोहरे को देखते हुए यातायात पुलिस ने यह व्यवस्था लागू की है, जोकि दो महीने तक लागू रहेगा।
नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट
ट्रैफिक पुलिस ने कोहरे के चलते होने वाले रोड एक्सीडेंट में कमी लाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे, एमपी टू एलिवेटेड समेत शहर की छह सड़कों पर रोड लिमिट को कम किया गया है। ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहने (चार पहिया) की स्पीड लिमिट को 75 किमी प्रति घंटा किया जाएगा। अभी एक्सप्रेसवे पर रोड लिमिट 100 किमी प्रति घंटा है। वहीं भारी वाहनों की स्पीड लिमिट भी 80 से कम करके 60 किमी प्रति घंटा की जाएगी।
इन सड़कों पर भी घटेगी स्पीड लिमिट
एमपी टू स्थित एलिवेटेड रोड पर हल्के वाहनों की स्पीड लिमिट 50 किमी प्रति घंटा की जाएगी। भारी वाहनों के लिए रफ्तार को घटाकर 40 किमी प्रति घंटे की जाएगी। वहीं मास्टर प्लान रोड नंबर-1 (डीएनडी टोल प्लाजा से सेक्टर-57 चोराहे ), मास्टर प्लान रोड नंबर-2 (सेक्टर-18 से सेक्टर-60 अंडरपास), मास्टर प्लान रोड नंबर-3 (कांलिदी कुंज से सेक्टर-122), मास्टर प्लान रोड नंबर-6 (सेक्टर-62 मॉडल टाउन गोलचक्कर से सेक्टर-71 अंडरपास ) और डीएससी (दादरी-सूरजपुर-छलेरा) रोड पर स्पीड लिमिट 60 किमी प्रति घंटा किया जाएगा। इसके अलावा 75 मीटर चौड़ी सड़कों पर भी यह व्यवस्था लागू रहेगी।
कोहरे से बचाव के लिए लगेंगे ब्लिंकर
नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 24 किलोमीटर है। नोएडा के क्षेत्र में इसका 20 किलोमीटर का हिस्सा आता है। यहां पिछले कुछ सालों में काफी हादसे हो चुके हैं। सर्दी के सीजन में कोहरा पड़ने पर हादसों की आंशका अधिक हो जाती है। इन रोड एक्सीडेंट्स को रोकने के लिए हर साल जरूरी कदम उठाए जाते हैं। इस प्रयास के तहत वाहनों की स्पीड लिमिट को घटा दिया गया है। यह व्यवस्था दिसंबर से लेकर फरवरी के मध्य तक बनी रहेगी। स्पीड लिमिट घटाने से जुड़ी जानकारी देने के लिए प्राधिकरण द्वारा एक्सप्रसेव और उससे पहले के रास्तों पर बोर्ड लगवाया जाएगा। इसके अलावा प्राधिकरण के सहयोग से ट्रैफिक पुलिस जगह-जगह पर रिफ्लेक्टर भी लगवाएगी। साथ ही कोहरे से बचाव के लिए ब्लिंकर भी लगाए जाएंगे।
