अब न्यू नोएडा को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कनेक्ट किया जाएगा। पश्चिमी यूपी के बनने वाले रीजनल कांग्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान (Regional Consolidated Mobility Plan) में नए नोएडा को शामिल करने का फैसला लिया गया है। इस विस्तृत परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी यूपी में परिवहन नेटवर्क को आधुनिक और सुगम बनाना है। साथ ही यहां आर्थिक विकास को बढ़ावा देना भी है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी इस फैसले को लेकर इसी सप्ताह बैठक करने वाले हैं। जिसके बाद सभी स्टेक होल्ड के साथ बैठक की जाएगी।
सुझाव देने के लिए NCR प्लानिंग बोर्ड भी शामिल
नोएडा प्राधिकरण के एसईओ सतीश पाल ने बताया कि इस मोबिलिटी प्लान का दायरा बढ़ाते हुए नए नोएडा (New Noida) को भी इसमें शामिल किया गया है। गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर को भी इस योजना में शामिल किया गया है। साथ ही एनसीआर प्लॉनिंग बोर्ड को सुझाव देने के लिए जोड़ा गया है। एसईओ ने बताया कि रीजनल प्लान को लेकर जिले के तीनों प्राधिकरण अधिकारियों की एक बैठक हो चुकी है। जिसमें कुछ सुझाव भी मिले थे। अब दोबारा से बैठक की जाएगी, जिसमें मिले सभी सुझावों की एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिसके बाद प्लान बनाने के लिए एंजेसी का चयन करने के लिए दोबारा से आरएफपी जारी किया जाएगा।
डेढ़ साल में तैयार करना होगा डीपीआर
चयन होने वाली सलाहकार एजेंसी को डीपीआर तैयार करने के लिए डेढ़ साल का समय दिया जाएगा। सलाहकार एजेंसी स्थानीय स्तर के मोबिलिटी प्लान का भी अध्ययन करेगी और उसमें दिए गए बेहतर सुझावों और प्लान को अपनी डीपीआर में शामिल करेगी। डीपीआर तैयार होने के बाद शासन के पास इसे मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जिसके बाद इसे लागू किया जाएगा। इस मोबिलिटी प्लान का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी यूपी के आर्थिक विकास को गति देना है। जिसमें शामिल है:
- सड़कों का चौड़ीकरण
- नए फ्लाईओवर का निर्माण
- बॉटलनेक की समस्या का समाधान
- ट्रांसपोटेशन सिस्टम का आधुनिकीकरण
