नोएडा

बिल्डरों ने रोकी 1100 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री, नोएडा प्राधिकरण ने सार्वजनिक की सूची

  • Edited by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 24, 2023, 12:17 PM IST

Noida Development Authority: ग्रुप हाउसिंग विभाग ओएसडी प्रसून द्विवेदी ने बताया कि बिल्डर्स परियोजनाओं में कार्य पूर्ति प्राप्त यूनिट्स को त्रिपक्षीय सब लीज डीड या रजिस्ट्री कराने की अनुमति बिल्डर्स या डेवलपर्स को दी जा चुकी है। इसके बावजूद भी उनके द्वारा फ्लैट खरीदारों के पक्ष में त्रिपक्षीय सव लीज डीड / रजिस्ट्री नहीं कराई जा रही है।

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Photo : BCCL

Noida Development Authority: नोएडा प्राधिकरण की तरफ से 21 बिल्डिंग परियोजनाओं को एक हजार से अधिक फ्लैटों का कंप्लीशन जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद फ्लैट खरीदारों की सबलीज रजिस्ट्री बिल्डरों की ओर से नहीं कराई जा रही है। मंगलवार देर शाम नोएडा प्राधिकरण की ग्रुप हाउसिंग विभाग ने फ्लैट खरीदारों से अपील की। प्राधिकरण ने कहा कि वह उन बिल्डरों से अपनी-अपनी रजिस्ट्री कराए, जो प्राधिकरण कार्यालय से कंप्लीशन सर्टिफिकेट ले चुके है।

प्राधिकरण ने उन 21 बिल्डर परियोजनाओं की सूची व फ्लैट की संख्या सार्वजनिक कर दी है। ग्रुप हाउसिंग विभाग ओएसडी प्रसून द्विवेदी ने बताया कि बिल्डर्स परियोजनाओं में कार्य पूर्ति प्राप्त यूनिट्स को त्रिपक्षीय सब लीज डीड या रजिस्ट्री कराने की अनुमति बिल्डर्स या डेवलपर्स को दी जा चुकी है। इसके बावजूद भी उनके द्वारा फ्लैट खरीदारों के पक्ष में त्रिपक्षीय सव लीज डीड / रजिस्ट्री नहीं कराई जा रही है।

बिल्डरों पर जुर्माना लगाने की तैयारी में प्राधिकरण

प्रदेश शासन का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक फ्लैट खरीदारों को उनके फ्लैटों पर पजेशन कराया जाना है। इस उद्देश्य से प्राधिकरण की ओर से लगातार रजिस्ट्री शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है, लेकिन फ्लैट खरीदारों के पक्ष में त्रिपक्षीय सब लीज डीड या रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। ऐसे में उन बिल्डरों को सूचीबद्ध कर लिया गया है। यदि अब भी वे सबलीज डीड नहीं कराते, तो उनके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा।

इन बिल्डरों के सार्जवनिक किए गए नाम

नोएडा प्राधिकरण ने जिन बिल्डरों के नाम सार्वजनिक किए है वो इस प्रकार हैं। सेक्टर-75 एक्स मैक्स गार्डेनिया डेवलपर्स प्राइवे लिमिटेड 201 फ्लैट, सेक्टर-75 एक्स मैक्स गार्डेनिया डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड 114 फ्लैट, सेक्टर-75 अपेक्स ड्रीम होम प्राइवेट लिमिटेड 101 फ्लैट, सेक्टर-75 मैक्सब्लिस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड 123 फ्लैट, सेक्टर-75 एम्स आरजी एंजल प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड 111 फ्लैट, सेक्टर-121 आइवी काउंटी प्राइवेट लिमिटेड 88 फ्लैट, सेक्टर-75 एक्स मैक्स गार्डेनिया डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड 86 फ्लैट, सेक्टर-137 पूर्वांचल प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड 47 फ्लैट, सेक्टर-144 गुलशन होम्स इंफ्रास्ट्रक्च र प्राइवेट लिमिटेड 49 फ्लैट, सेक्टर-78 ओरियन इंफ्राबिल प्राइवेट लिमिटेड 41 फ्लैट, सेक्टर-143बी रानी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड 34, सेक्टर-75 ई-होम्स इंफ्रास्ट्रक्च र प्राइवेट लिमिटेड 29 फ्लैट, सेक्टर-78 नेक्सजेन इंफ्राकान प्राइवेट लिमिटेड 17 फ्लैट, सेक्टर-75 इंडोसम इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड 16 फ्लैट, सेक्टर-75 वैल्यूएन्ट इन्फ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड 15 फ्लैट, सेक्टर-137 गुलशन होम्स प्राइवेट लिमिटेड 7 फ्लैट, सेक्टर-108 डिवाइन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड 6 फ्लैट, सेक्टर-78 आईआईटीएल निम्बस हाइड पार्क प्राइवेट लिमिटेड 6 फ्लैट, सेक्टर-137 इम्पीरियल हाउसिंग वेंचर प्राइवेट लिमिटेड 3 फ्लैट, सेक्टर-168 पारस सीजन्स हेवन प्राइवेट लिमिटेड 2 फ्लैट, सेक्टर-107 सनवल्र्ड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड 1 फ्लैट।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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