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Noida News: नए एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होंगे नोएडा-ग्रेनो! सेक्टर 94 से यहां तक बनेगा एलिवेटेड रोड

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नोएडा-ग्रेनो के बीच एक नई कनेक्टिविटी देने के लिए नया एक्सप्रेसवे या एलिवेटेड रोड बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके निर्माण में लगने वाले बजट का बड़ा हिस्सा सरकार देगी। बाकी का हिस्सा अपने-अपने क्षेत्र या समानुपात में तीनों अथॉरिटी वहन करेंगी।

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सेक्टर 94 से 135 तक बनेगा एलीवेटेड रोड

Photo : ANI

नोएडा: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बढ़ते वाहनों के बोझ को कम करने के लिए नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण की कवायद शुरू हो रही है। इस प्रोजेक्ट को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) जल्द जमीन पर उतार सकता है। इसके लिए नोएडा अथॉरिटी को फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करनी है। मौजूदा एक्सप्रेसवे से हटकर यमुना पुश्ता रोड के ऊपर से एलिवेटेड रोड निकालने को विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए कितनी जमीन उपलब्ध है और कितने की जरूरत पड़ेगी, इस पर भी मंथन चल रहा है।

सेक्टर-94 से सेक्टर-135 तक सर्वे

इन्हीं, चुनौतियों को देखते हुए बुधवार को नोएडा अथॉरिटी ने सिंचाई विभाग के साथ मिलकर सर्वे किया है। सेक्टर-94 से सेक्टर-135 तक दोनों विभागों की संयुक्त टीमों ने दौरा कर मौजूद संभावनाओं पर बात की। इस टीम में नोएडा अथॉरिटी से वर्क सर्कल-9 के प्रभारी विश्वास त्यागी शामिल भी हुए। ये टीम आगे रिपोर्ट तैयार कर तकनीकी अध्ययन के लिए भेजेगी। नोएडा के बाद आगे अपने एरिया में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस परियोजना की संभावनाएं तलाश कर जमीन की रिपोर्ट उपलब्ध करवाएगा।

यमुना एक्सप्रेसवे ही विकल्प

अभी सबसे बड़ा विकल्प नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे ही है। यहां से बड़ी संख्या में लोग यमुना एक्सप्रेसवे के होते हुए मथुरा, आगरा, लखनऊ समेत अन्य स्थानों के लिए आवागमन करते हैं। आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट शुरू होने समेत अन्य वजहों से वाहनों की संख्या और बढ़ने की प्रबल संभावना है। इसलिए एयरपोर्ट को दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी दी जानी है। ऐसे में भविष्य में जाम के झाम से बचाने के लिए नई कनेक्टिविटी देने के लिए इस बार नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की तरफ से पहल शुरू हुई है।

नए एक्सप्रेसवे की जरूरत का विकल्प

हाल ही में दिल्ली में एनएचएआई ने नोएडा, ग्रेनो, यमुना और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष यादव भी मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में नए एक्सप्रेसवे की जरूरत बताकर अधिकारियों से विकल्प पूछे गए। पहला विकल्प नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे की चौड़ाई बढ़ाने का आया। इसके लिए ज्यादा जमीन उपलब्ध नहीं है। दूसरा विकल्प, इस एक्सप्रेसवे के ऊपर से ही एलिवेटेड रोड निकालने का आया।

गांव व खेतों की कनेक्टिविटी

तीसरा विकल्प यमुना किनारे सेक्टर-94 से शुरू होने वाले पुश्ता रोड के चौड़ीकरण कर एक्सप्रेस-वे बनाए जाने का आया। इसमें यह बात सामने आई कि पुश्ता रोड के दोनों तरफ कई सेक्टर व गांव व खेतों की कनेक्टिविटी है। एक्सप्रेसवे बनाए जाने पर ये कट बंद करने होंगे। इसलिए, इस पुश्ता रोड के ऊपर से एलिवेटेड रोड निकाला जाए। इसमें नोएडा से सेक्टर-94 से ट्रैफिक चढ़ाया जाए। इन्हीं सभी विकल्पों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ऊपर भेजी जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, नए एक्सप्रेसवे के निर्माण में खर्च होने वाले बजट पर भी मंथन हुआ है। इस पर यह तय हुआ है कि निर्माण में लगने वाले बजट का बड़ा हिस्सा सरकार देगी। बाकी का हिस्सा अपने-अपने क्षेत्र या समानुपात में तीनों अथॉरिटी मुहैया कराएंगी। सरकार से बजट मिलने की उम्मीद तीनों अथॉरिटी के लिए राहत भरी उम्मीद है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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