नोएडा

Noida Rain : नोएडा में पोल खोल बारिश, सड़कें बनी तालाब; ट्रैफिक की धीमी पड़ी रफ्तार

Noida Rain : दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति है। नोएडा के बोटैनिकल गार्डन समेत कई मुख्य मार्गों पर पानी भरा हुआ है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।

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नोएडा में जल जमाव

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Noida Rain : नोएडा में कुछ घण्टों की बारिश ने नोएडा प्राधिकरण की दावों की पोल एक बार फिर खोल दी है। सुबह हुई बारिश के बाद जगह-जगह पानी भर गया है। जलभराव के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना दुश्वार हो है। वहीं, जल भराव के कारण कई जगह भीषण जाम भी लगा हुआ है, जिसे खुलवाने में ट्रैफिक पुलिस को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। मानसून से बचाव और सड़कों पर जलभराव न हो, इसके लिए नोएडा प्राधिकरण हर साल करोड़ों रुपये खर्च करता है, उसके बावजूद हर बार बारिश के बाद नोएडा प्राधिकरण के दावों की पोल खुल जाती है।

महामाया फ्लाईओवर के नीचे भरा पानी

नोएडा के सेक्टर-37 यू टन के पास पानी भर गया है। इसके साथ ही नोएडा महामाया फ्लाईओवर के नीचे भी पानी का भराव की स्थिति है। उधर, नोएडा के कई गांव और सेक्टरों में तेज बारिश के बाद जल भराव देखने को मिला। वहीं, जल भराव के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। सबसे ज्यादा भीषण जाम कालिंदी कुंज बॉर्डर पर लगा हुआ है। दिल्ली जाने वाला पूरा रास्ता ब्लॉक पड़ा है, हालाकि ट्रैफिक पुलिस जाम खुलवाने में जुटी हुई है।

तेज बारिश से कई जगह पेड़ गिरने की खबर सामने आई है। शहर के महत्वपूर्ण इलाकों में से एक बोटैनिकल गार्डन के पास सड़क भी जल भराव के कारण तालाब बन गयी है। सभी जगह बारिश का पानी भरे होने के कारण वाहनों और आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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