नोएडा

Noida में नाले में गिरी कार; स्टेशन मास्टर की मौत; प्रशासन की लापरवाही ने ली जान

ग्रेटर नोएडा में बैरियर न लगे होने के कारण एक कार नाले में जा समाई, जिसमें सवार स्टेशन मास्टर की मौत हो गई।

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ग्रेटर नोएडा में हादसा

ग्रेटर नोएडा: बीटा-2 थाना क्षेत्र के पी-3 सेक्टर के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक स्टेशन मास्टर की मौत हो गई। घटना केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी के सामने हुई, जहां सड़क अचानक खत्म होकर एक गहरे नाले में मिल जाती है। इसी वजह से वाहन चालक रास्ता भटक गए और उनकी गाड़ी लगभग 30 फीट गहरे नाले में जा गिरी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार सवार गूगल मैप के सहारे रास्ता तय कर रहे थे। हालांकि, टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।

अचानक खत्म हुआ रास्ता

जानकारी के मुताबिक, मृतक भारत भाटी, जो दिल्ली के मंडावली के रहने वाले और एक स्टेशन मास्टर थे, एक शादी समारोह में जा रहे थे। वह अपनी गाड़ी से तेज रफ्तार से निकले, लेकिन आगे चलकर रास्ता अचानक खत्म हो गया और नाला आ गया। इस दौरान उनकी गाड़ी नाले में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। हालांकि, उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने तक उनकी मौत हो चुकी थी।

सड़क अचानक खत्म होकर नाले मिली

आसपास के लोगों के मुताबिक, इस जगह पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। सड़क अचानक खत्म होकर नाले में मिल जाती है, जिसकी वजह से वाहन चालक सतर्क नहीं रह पाते और गाड़ी नाले में गिर जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्राधिकरण की तरफ से यहां कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग लगाई है ताकि भविष्य में ऐसी कोई और घटना न हो। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि इस जगह पर पर्याप्त रोशनी, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा बैरिकेड्स लगाए जाने की जरूरत है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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