नोएडा

एक्शन में नोएडा पुलिस, ट्रैफिक रूल ब्रेक करने वालों को सिखाया सबक; किए 7361 ई-चालान

नोएडा यातायात पुलिस ने बड़ा अभियान चलाते हुए 7361 ई-चालान जारी किए। इस अभियान में 20 वाहनों को सीज भी किया गया।

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(सांकेतिक फोटो)

Photo : Twitter

नोएडा: कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर और पुलिस उपायुक्त यातायात के पर्यवेक्षण में शुक्रवार को यातायात पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर चेकिंग की गई और मैनुअल तथा आईसीटीएमएस कैमरों द्वारा कुल 7,361 ई-चालान जारी किए गए। इस अभियान में 20 वाहनों को सीज भी किया गया। इसके अलावा, विशेष अभियान के तहत बिना हेलमेट, नो-पार्किंग, मोबाइल फोन का उपयोग और लाइन चेंज जैसे उल्लंघनों पर कार्रवाई की गई। बिना हेलमेट के 3,612, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए 41, नो-पार्किंग पर 511 और लाइन चेंज करने वाले 296 वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन कार्यवाही की गई।

इस अभियान का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना था। पुलिस ने इस अभियान को लेकर सभी नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। गौरतलब है कि यातायात पुलिस ने लेन ड्राइविंग से संबंधित अभियान भी चला रखा है। इसमें अगर आप लेन को एक्सप्रेसवे पर बदलते हैं तो फिर आप पर जुर्माना लगाया जाएगा। जिसके तहत अब तक सैकड़ों वाहनों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा चुकी है।

इसके साथ-साथ यातायात विभाग लगातार अलग-अलग अभियान चलाकर नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियों, सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और नशे में गाड़ी चलाने को लेकर अभियान चलाकर चालान करती है। इसके अलावा नोएडा के ट्रैफिक कंट्रोल रूम से भी गाड़ियों पर सीसीटीवी के जरिए नजर रखी जाती है और यातायात उल्लंघन करने वाले वाहनों का चालान किया जाता है। यातायात पुलिस ने कई जगहों पर यातायात कर्मियों को नियुक्त कर उन्हें चालान की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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