नोएडा

अय्याशी के लिए कम पड़े रुपये, गर्लफ्रेडों के लिए इंजीनियर ने रची अपने अपहरण की साजिश; मांगे 50 लाख

नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाले इंजीनियर ने अपनी महिला मित्रों के शौक पूरे करने के लिए खुद के अपहरण की साजिश रच पिता से 50 लाख रुपये की बतौर फिरौती मांगी। उसकी इस साजिश में उसका आर्मी में तैनात दोस्त भी शामिल था। पुलिस ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा कर दिया है।

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नोएडा में इंजीनियर ने रची अपहरण की साजिश

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

नोएडा: थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है, जहां एक इंजीनियर ने अपने पिता से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने के लिए खुद के फर्जी अपहरण की साजिश रची। आरोपी शुभम, जो नोएडा में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है। वह अपनी कम सैलरी की वजह से परेशान था। शुभम का परिवार मध्य प्रदेश में रहता है और उसके पिता उसे पैसे नहीं देते थे, जिससे परेशान होकर उसने आर्मी में तैनात अपने गांव के दोस्त के साथ अपहरण की योजना बनाई।

आर्मी में तैनात दोस्त ने भी दिया साथ

शुभम ने अपने गांव के रहने वाले आर्मी जवान उद्धो और उसके दोस्त अंकित जो आर्मी में है और एक अन्य दोस्त के साथ मिलकर खुद के फर्जी अपहरण की योजना बनाई। इन लोगों ने मिलकर शुभम के फोन से उसके पिता को कॉल कर फिरौती मांगी। शुरुआत में उन्होंने 50 लाख रुपये की मांग की, लेकिन शुभम के पिता के न मानने पर यह राशि घटाकर 15 लाख कर दी गई।

डेटिंग ऐप्स से महिलाओं के संपर्क में था इंजीनियर

पुलिस ने तकनीकी मदद से शुभम को हरियाणा के एक रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह अपनी कम सैलरी के कारण अपनी जीवनशैली को मेंटेन नहीं कर पा रहा था। पुलिस को उसके फोन में कई ऑनलाइन सट्टा और डेटिंग ऐप्स भी मिले हैं, जिसके कारण वह आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था। डेटिंग ऐप्स पर मिलने वाली महिलाओं को अच्छे रेस्टोरेंट में ले जाने में असमर्थता के कारण पैसों के लिए उसने यह फर्जी अपहरण की योजना बनाई थी।

बताया जा रहा है की शुभम का परिवार अमीर है, लेकिन वह अपनी कम सैलरी से संतुष्ट नहीं था। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर यह खतरनाक कदम उठाया, जो कि अंततः उसे और उसके साथियों को जेल की सलाखों के पीछे ले गया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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