नोएडा

नोएडा-ग्रेनो वेस्ट तक जल्द दौड़ेंगी डबल डेकर E-Bus, इन रूटों पर भरेंगी फर्राटा; बजट में होगा किराया

नोएडा डिपो को 8 डबल डेकर ई-बसें मिलने से बॉटेनिकल गार्डेन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट और परी चौक तक सफर काफी आसान होगा। ये बसें सड़क मार्ग के बजाय रेल मार्ग के जरिए नोएडा पहुंचेंगी क्योंकि बीच में चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

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डबल डेकर बस (फाइल फोटो)

नोएडा : एनसीआर के दो बड़े शहरों में यातायात को लेकर खुशखबरी है, क्योंकि नोएडा डिपो को जल्द ही 8 डबल डेकर ई-बसें मिलने की जानकारी है। इन बसों के संचालन से स्थानीय लोगों का सफर काफी आसान होगा। जानकारी के मुताबिक, ये बसें बॉटेनिकल गार्डन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौड चौक और परी चौक तक चलाई जाएंगी। बसों को सड़क मार्ग के बजाय रेल मार्ग के जरिए नोएडा भेजने की तैयारी है क्योंकि बीच में चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

ये है बसों का रूट मैप

एनबीटी की खबर के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम गौतम बुद्ध नगर के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि पहले 4 बसें मिलनी थी, लेकिन यात्रियों की संख्या और सुगम आवाजाही का ख्याल रखते हुए इसमें इजाफा करते हुए 8 कर दिया गया। कयास लगाए जा रहे हैं कि जुलाई में ये सभी बसें मिल जाएंगी। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी लगातार सार्वजनिक परिवहन की मांग कर रहे थे। लिहाजा, यह कदम उठाया गया है, जिससे निजी बसों और ऑटों की निर्भरता कम होगी। इन बसों के संचालन से लोगों को सस्ती यात्रा का लाभ मिलेगा।

जानकारी के मुताबिक, 8 में से 4 बसें बॉटेनिकल गार्डन से ग्रेटर नोएडा के परी तक चलाई जाएंगी। शेष 4 बसें ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक चलाई जाएंगी। फिलहाल, बसों के रूट के लिए सर्वे कराया जा रहा है। इसमें ग्रेटर नोएडा वेस्ट के उन स्थानों तक बसें चलाने पर विचार है, जहां अंडरपास या फुटओवर ब्रिज न हों, क्योंकि बसों की ऊंचाई थोड़ी ज्यादा है। खासकर, यात्रियों की सुविधा और जाम से बचाव के लिए बसों को सर्विस लेन पर चलाया जाएगा। फिलहाल, बसों के लिए निर्धारित किराया डिसाइड नहीं हुआ है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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