नोएडा

बारिश में डूब जाता है साइबर सिटी गुरुग्राम, जानिए कैसे बच जाता है नोएडा

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jul 11, 2023, 02:12 PM IST

दिल्ली में जहां बाढ़ का खतरा है, वहीं गुरुग्राम में भी जगह-जगह तालाब जैसा नजारा दिख रहा है। दिल्ली में यमुना खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।

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गुरुग्राम में भारी बारिश

Photo : IANS

Noida Gurugram Rain: मानसून के मौसम में राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में बारिश का कहर जारी है। जब मानसून की चुनौतियों से निपटने की बात आती है तो राजधानी दिल्ली पास बसे दो सबसे व्यस्त शहर गुरुग्राम और नोएडा में एक आश्चर्यजनक विरोधाभास नजर आता है। जहां गुरुग्राम हर साल बाढ़ से जूझता है, वहीं नोएडा और ग्रेटर नोएडा ऐसे हालात से बचने में कामयाब रहते हैं। दरअसल, ये बेहतर जल निकासी प्रबंधन का नतीजा है।

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दिल्ली में बाढ़ का खतरा, गुरुग्राम बना तालाब

दिल्ली में जहां बाढ़ का खतरा है, वहीं गुरुग्राम में भी जगह-जगह तालाब जैसा नजारा दिख रहा है। दिल्ली में यमुना खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। जबकि गुरुग्राम में जलभराव ने लोगों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के हालात काबू में दिख रहे हैं। प्रशासन ने मानसूनी बारिश से बेहतर तरीके से प्रबंधन किया है। आखिर क्यों नोएडा में गुरुग्राम से बेहतर हालात हैं और कैसे हैं यहां के इंतजाम जानते हैं।

नोएडा की कामयाबी का राज

नोएडा की सफलता की कुंजी इसकी सावधानीपूर्वक योजना और भूमि अधिग्रहण के लिए सख्त मानदंड में निहित है। कोई भी जमीन बेचने से पहले कुछ जरूरी नियमों को पूरा करना होता है। इनमें सड़क बुनियादी ढांचे की उपस्थिति, बिजली तक पहुंच और एक अच्छी तरह से स्थापित सीवर प्रणाली शामिल है। सावधानीपूर्वक बनाई गई ये योजना का ही परिणाम है कि नोएडा तैयारियों के मामले में गुरुग्राम से आगे रहता है। इसके कारण शहर के भीतर जलभराव की कम मामले सामने आते हैं।

नालों से जल निकासी का प्रबंधन

प्रभावी जल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए नोएडा में 87 किलोमीटर लंबा नालों का व्यापक नेटवर्क है। इससे सारा पानी हिंडन या यमुना नदी में चला जाता है। भारी बारिश में जलभराव होता है, लेकिन बेहतर जल निकासी के कारण तेजी से निकल जाता है। इसके उलट गुरुग्राम, नोएडा की बराबरी वाली आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए 40 किलोमीटर से कम लंबाई वाले नाले पर निर्भर है। दोनों शहरों में लगभग 30 लाख लोग रहते हैं।

गुरुग्राम में नालों पर बोझ

दूसरी ओर, गुरुग्राम तीन नालों के बोझ का सामना कर रहा है। एंबिएंस मॉल के पास स्थित एक नाला सीधे नजफगढ़ नाले से जुड़ता है। दूसरा नाला डीएलएफ 1, 2 और 3, सुशांत लोक-1, एमजी रोड और आसपास के इलाकों से पानी लेकर आता है, जो नजफगढ़ नाले में शामिल होने से पहले इफ्को चौक से गुजरता है। नालों पर बोढ है जिससे सिस्टम में जटिलताएं पैदा हो रही हैं और शहर के भीतर अभूतपूर्व जलभराव हो गया है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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