नोएडा

Noida: 14वीं मंजिल से बीटेक छात्र ने लगाई छलांग, देखता रह गया दोस्त

नोएडा में एक बीटेक छात्र की 14वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। उसका दोस्त खड़े देखता रह गया और वह कूद गया।

Image

Noida: 14वीं मंजिल से बीटेक छात्र ने लगाई छलांग, देखता रह गया दोस्त

नोएडा: सेक्टर-76 स्थित आदित्य सेलिब्रिटी होम्स सोसाइटी की 14वीं मंजिल से कूदकर 20 वर्षीय युवक ने जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में मृतक युवक के परिजनों ने अभी तक थाने में शिकायत नहीं दी है। पुलिस शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।

एसीपी ट्विंकल जैन ने बताया कि 20 वर्षीय कुशाग्र गुप्ता दिल्ली के प्रीति विहार के बी ब्लॉक में परिवार के साथ रहता था। वह नोएडा के एक नामी कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। शुक्रवार दोपहर 3 बजे के करीब वह अपने दोस्त राघव वाधवा से मिलने आदित्य सेलिब्रिटी होम्स सोसाइटी आया था। दोनों दोस्त बिल्डिंग की छत पर खड़े होकर बात कर रहे थे, उसी दौरान कुशाग्र गुप्ता नीचे कूद गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

राघव के परिजनों ने घटना की जानकारी पीआरवी पर दी। सूचना मिलते ही सेक्टर-113 थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के दोस्त से पुलिस घटना को लेकर पूछताछ कर रही है। घटनाक्रम को जानने के लिए पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है। मृतक के परिजनों को भी हादसे की जानकारी दी गई है।

बताया जाता है कि सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड ने आवाज सुनी तो भागकर घटनास्थल पर पहुंचे। हालांकि, तब तक लहूलुहान हालत में पड़े युवक की मौत हो चुकी थी। युवक की मौत के बाद सोसाइटी के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। सोसाइटी के कुछ लोगों का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं हत्या है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article