New Noida: नोएडा प्राधिकरण द्वारा नए नोएडा को बसाने के लिए गांवों की जमीन के अधिग्रहण करने काम शुरू कर दिया गया है। जमीन का अधिग्रहण करने के लिए प्राधिकरण के सीईओ और ओएसडी समेत कई अधिकारियों द्वारा पहली बार अधिसूचित गांवों का दौरा किया गया है। बता दें कि अधिकारियों द्वारा जिन गावों का दौरा किया गया था, वह सभी सिंकद्राबाद क्षेत्र के हैं। इस बीच नए नोएडा शहर का नाम दादरी-नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र तय किया गया है। इसके विकास का कार्य चार चरणों में पूरा किया जाएगा। आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताएं -
80 गांवों की जमीन पर बसेगा नया नोएडा
मिली जानकारी के अनुसार, नए नोएडा शहर का विकास गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 80 गावों की जमीन पर किया जाएगा। इसके लिए सोमवार को गांवों का जायजा लिया गया। इस दौरान नोएडा प्राधिकरण के सीईओ और ओएसडी समेत ग्रेनो प्राधिकरण के नियोजन विभाग के महाप्रबंधक, नए नोएडा के लिए नोडल अधिकारी, सिविल विभाग के डीजीएम, तहसीलदार व अन्य अधिकारी शामिल रहें। सभी ने मिलकर अधिसूचित गावों का निरीक्षण किया। साथ ही अस्थायी ऑफिस स्थापित करने के लिए जमीन की उपलब्धता और उपयोगिता चेक की गई।
बता दें कि सिंकद्राबाद में आपसी सहमति से जमीन न मिलने पर प्राधिकरण द्वारा जमीन को अधिग्रहित किया जाएगा। इन गांवों की जमीन का अधिग्रहण होने के बाद अन्य गांवों का दौरा किया जाएगा और अधिग्रहण की प्रक्रिया की शुरुआत की जाएगी। इस दौरान सीईओ द्वारा गांवों के प्रधान और अन्य लोगों के साथ बैठक का भी आयोजन किया गया था। इस बैठक में नए नोएडा में बिना मंजूरी किसी भी निर्माण को अवैध माना जाएगा। इसके खिलाफ जाने वालों पर प्राधिकरण द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
चार चरण में पूरा होगा नए नोएडा का काम
नए नोएडा का विकास चार चरणों में वर्ष 2041 तक किया जाएगा। इस दौरान पहले चरण में 3165 हेक्टेयर जमीन का विकास होगा, दूसरे चरण में 3798 हेक्टेयर जमीन का विकास होगा, तीसरे चरण में 5908 हेक्टेयर जमीन का विकास किया जाएगा और चौथे चरण में 8230 हेक्टेयर जमीन का विकास किया जाएगा। पहले चरण का कार्य 2027, दूसरे चरण का कार्य 2032, तीसरे चरण का कार्य 2037 और चौथे चरण का कार्य 2041 तक पूरा तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
