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नोएडा: इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में अपडेट, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तार बिल्डर अभय कुमार को लेकर दिया बड़ा फैसला

Builder Abhay Kumar Releasing Order: अभय कुमार एमजेड विजटाउन बिल्डर कंपनी के मालिक हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि नोएडा पुलिस ने गिरफ्तारी करते समय सुप्रीम कोर्ट के जरूरी नियमों का पालन नहीं किया।

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नोएडा: इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में अपडेट

Noida Engineer Yuvraj Mehta Death Case: नोएजा के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में एक बड़ा अपडेट आया है। दरअसल, मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने हैबियस कॉर्पस की याचिका मंजूर कर ली है। अदालत ने बिल्डर अभय कुमार को तुरंत रिहा करने का आदेश जारी किया है। आदेश के बाद देर रात बिल्डर को रिहा कर दिया गया है।

कौन है अभय कुमार?

अभय कुमार एमजेड विजटाउन बिल्डर कंपनी के मालिक हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि नोएडा पुलिस ने गिरफ्तारी करते समय सुप्रीम कोर्ट के जरूरी नियमों का पालन नहीं किया। बता दें कि अब युवराज मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों लोग जेल से छुट गए हैं। इससे पहले लोटस बिल्डर के गिरफ्तार किए गए दो कर्मचारियों को CJM कोर्ट ने रिहा कर दिया था। अब हाईकोर्ट ने हैबियस कॉर्पस की अपील स्वीकार करते हुए बिल्डर अभय कुमार को रिहा करने का आदेश दिया। जहां देर रात बिल्डर अभय कुमार को जेल से रिहा कर दिया गया।

CJM कोर्ट से नहीं मिली थी राहत

हफ्ते की शुरुआत में सोमवार को CJM कोर्ट ने MZ विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अभय कुमार को जमानत देने से मना कर दिया, जिन्हें सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने कुमार की ज्यूडिशियल रिमांड 10 दिन बढ़ा दी थी और अगली सुनवाई 13 फरवरी को तय की थी। हालांकि निचली अदालत ने राहत देने से मना कर दिया, लेकिन कुमार के वकीलों ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में हैबियस कॉर्पस रिट याचिका दायर कर दी थी।

कुमार को 20 जनवरी को लापरवाही के कारण गैर इरादतन हत्या और BNS की अन्य धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि ऑफिस से लौटते समय, मेहता की कार सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में गिरने से डूब गए। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला कि निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के प्लॉट मालिक ने गड्ढे के पास कोई खतरे का निशान या घेराबंदी नहीं की थी। पता चला कि यह प्रोजेक्ट विजटाउन प्लानर्स द्वारा संभाला जा रहा था, जिसके बाद FIR में इसके निदेशकों को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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