Noida News: नोएडा प्राधिकरण ने जर्जर भवनों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी के तहत सेक्टर-31 के C ब्लॉक स्थित 128 जर्जर फ्लैटों को खाली करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। प्राधिकरण की टीम ने संबंधित फ्लैटों के बाहर नोटिस चस्पा कर दिए हैं। इन फ्लैटों की हालत काफी खराब बताई गई है। स्ट्रक्चरल ऑडिट में इन इमारतों को रहने के लिए सुरक्षित नहीं पाया गया है और ये कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
स्ट्रक्चरल ऑडिट में रहने लायक नहीं मिले फ्लैट
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-31 सी ब्लॉक के 128 जनता फ्लैटों को पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका है। अगस्त 2025 में इन फ्लैटों के खतरनाक स्थिति में होने की बात सामने आई थी। अब संभावित हादसे को देखते हुए इन फ्लैटों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इन फ्लैटों में BSNL, डाक विभाग, पुलिस समेत विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारी और दूसरे आवंटी रह रहे हैं। नोटिस मिलने के बाद कई निवासियों के सामने अब रहने की जगह को लेकर चिंता खड़ी हो गई है। कुछ लोगों का सवाल है कि वे अचानक फ्लैट खाली करने के बाद कहां जाएंगे।
अतिक्रमण के लिए भी लोगों को नोटिस
नोएडा प्राधिकरण की कार्रवाई केवल जर्जर फ्लैटों को खाली कराने तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग सेक्टरों में नालियों पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ भी नोटिस जारी किए गए हैं। इन नोटिस में लिखा है कि आवंटित भवनों की उचित देखरेख नहीं होने और स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण किए जाने के कारण कुछ संपत्तियां जर्जर स्थिति में पहुंच गई हैं।

सेक्टर-31 के जर्जर फ्लैटों पर चस्पा हुआ नोटिस
नालियों पर अतिक्रमण से जलभराव की समस्या
प्राधिकरण ने सेक्टर-14, 15 और 19 में नालियों के ऊपर अतिक्रमण करने वाले लोगों को नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। हाल में बारिश के दौरान इन इलाकों में जलभराव की स्थिति की जांच की गई थी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई जगहों पर नालियों पर बनाए गए रैंप, स्लैब और अन्य निर्माण मिले। प्राधिकरण के अनुसार, इन अतिक्रमणों की वजह से बारिश का पानी नालियों के जरिए आसानी से बाहर नहीं निकल पा रहा है, जिससे जलभराव की समस्या बढ़ रही है।
तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आगे की कार्रवाई
नोएडा प्राधिकरण ने नोटिस के जरिए लोगों से जर्जर भवनों को तत्काल खाली करने और अतिक्रमण हटाने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि तय समय में निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण के अनुसार, जरूरत पड़ने पर धारा-10 के तहत नोटिस जारी किया जा सकता है। ऐसे नोटिस संपत्ति के दस्तावेजों के साथ चस्पा किए जाएंगे। नोटिस प्रभावी रहने के दौरान संबंधित संपत्ति पर प्राधिकरण की अनुमति के बिना किसी तरह के कामकाज की अनुमति नहीं होगी।
