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Labour Day पर बांटे जाएंगे 5 किलो के 15 हजार सिलेंडर, नोएडा की फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों को मिलेगी फ्री LPG गैस

Free Gas Cylinders to Labours: 5kg वाले इन सिलेंडरों को आम तौर पर 'छोटू सिलेंडर' कहा जाता है, जिनकी कीमत 1,550 रुपये है। इसमें से 900 रुपये वापस मिलने वाली सिक्योरिटी डिपॉजिट है, जबकि बाकी रकम सिलेंडर में गैस भरवाने के लिए है।

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Labour Day पर बांटे जाएंगे 5 किलो के 15 हजार सिलेंडर, नोएडा की फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों को मिलेगी फ्री LPG गैस

Noida Labour Day Special Gift: नोएडा में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन के कुछ हफ्तों बाद जिला प्रशासन ने फैक्टरियों और प्रवासी मजदूरों के बीच 15,000, 5kg के मुफ्त कमर्शियल सिलेंडर बांटने का फैसला किया है। खासकर उन लोगों के बीच जिनके पास नियमित घरेलू गैस कनेक्शन नहीं हैं। अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक इलाकों में कैंप लगाए जाएंगे ताकि मजदूर कम शुरुआती लागत पर ये छोटे सिलेंडर ले सकें। बता दें कि अपने विरोध प्रदर्शन में मजदूरों ने LPG की बढ़ती कीमतों को पहले से ही तंग घरेलू बजट पर एक और मार बताया था और अपनी सैलरी बढ़ाने के लिए सड़कों पर उतर गए थे।

अब जिला आपूर्ति अधिकारी स्मृति गौतम ने बताया कि यह अभियान 8 अप्रैल को प्रवासी मजदूरों की ज्यादा आबादी वाले इलाकों में सामाजिक संगठनों और गैस एजेंसियों के जरिए शुरू किया गया था, लेकिन अब मजदूरों की चिंताओं के सामने आने के बाद इसे फैक्टरी इलाकों की ओर मोड़ दिया गया है। उन्होंने आगे कहा, 'ये कैंप अब खास तौर पर फैक्टरी मजदूरों तक पहुंचने के लिए डिजाइन किए जा रहे हैं।'

'छोटू सिलेंडर' बांटे जाएंगे

5kg वाले इन सिलेंडरों को आम तौर पर 'छोटू सिलेंडर' कहा जाता है, जिनकी कीमत 1,550 रुपये है। इसमें से 900 रुपये वापस मिलने वाली सिक्योरिटी डिपॉजिट है, जबकि बाकी रकम सिलेंडर में गैस भरवाने के लिए है। अधिकारियों ने बताया कि इस महीने फैक्टरी वाले इलाकों में औद्योगिक संगठनों और गैस एजेंसियों के जरिए 50,000 से ज्यादा ऐसे सिलेंडर पहले ही बांटे जा चुके हैं।

मजदूर दिवस कार्यक्रम में मजदूरों की भलाई के लिए कई और उपाय भी शामिल हैं। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि 43 फैक्टरियों में बच्चों की देखभाल के लिए क्रेश खोले जाएंगे और 79 औद्योगिक इकाइयों में एम्बुलेंस रूम या डिस्पेंसरी बनाई जाएंगी।

उन्होंने आगे कहा, 'पांच डिजिटल स्किल-डेवलपमेंट बसें भी शुरू की जाएंगी, ताकि फैक्टरी मजदूर अपनी स्किल बढ़ाने के लिए उनमें दाखिला ले सकें।' उनके अनुसार, मजदूरों के परिवारों के लिए स्किल ट्रेनिंग और अतिरिक्त कक्षाएं 40 सरकारी स्कूलों में दूसरी पाली के दौरान चलेंगी, जबकि 'स्कूल चलो अभियान' के तहत 25 दाखिला कैंप मजदूरों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में लाने में मदद करेंगे।

स्वास्थ्य विभाग, मुख्यमंत्री के 'आरोग्य रथ' कार्यक्रम के तहत, मजदूरों की ज्यादा आबादी वाले रिहायशी इलाकों में तीन लाख सैनिटरी पैड बांटेगा और 25 मोबाइल मेडिकल वैन को हरी झंडी दिखाएगा। कुल 201 'श्रमिक आरोग्य कैंप' लगाए जाएंगे, जिनमें 31 ऑन-साइट मल्टी-सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों के जरिए मुफ्त मेडिकल सेवाएं दी जाएंगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य से जुड़ी इन कोशिशों का मुख्य जोर उन औद्योगिक इलाकों पर रहेगा, जहां मजदूरों की संख्या ज्यादा है। प्रशासन 25 'हेल्थ ATM' और चार 'एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस' का उद्घाटन भी करेगा, और पांच 'पोर्टा-क्लिनिक' की आधारशिला रखेगा।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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