Viksit Bharat Samriddh UP Conclave: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यानी मंगलवार 17 फरवरी को टाइम्स नाउ नवभारत के विकसित भारत-समृद्ध उत्तर प्रदेश कॉन्क्लेव में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने तमाम मुद्दों पर बात की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बारे में बात करते हुए उन्होंने दोनों को नकारात्मक सोच वाला बताया।
टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ इंटरव्यू में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि साल 2017 में जब उत्तर प्रदेश में डबल इंडिन की सरकार बनी, तब तक 2016-17 में पिछली सरकार ने 3 लाख करोड़ का बजट पेश किया था। उन्होंने कहा, आज उत्तर प्रदेश विकास के रथ पर सवार है और इस साल हमने इस बार 9 लाख, 12 हजार 600 करोड़ से ज्यादा का बजट पेश किया है।
'उत्तर प्रदेश अनलिमिटेड पोटेंशियल का राज्य था और है'
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अनलिमिटेड पोटेंशियल का राज्य था और है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश हमेशा से अनलिमिटेड पोटेंशियल का राज्य था, यह बीमारू राज्य नहीं था। जब पात्र लोगों के हाथों में सत्ता आई तो विकास दिखने भी लगा। सीएम योगी ने कहा कि कुपात्रों ने इस अनलिमिटेड पोटेंशियल को रसातल की ओर ले जाने का काम किया।
'राहुल और अखिलेश संतुष्ट होने वाले जीव नहीं'
मुख्यमंत्री ने एक-एक प्रश्न का बड़ी ही बेबाकी से उत्तर दिया। उन्होंने कहा, आज के उत्तर प्रदेश पर सिर्फ यूपी ही नहीं, पूरे देशवासी और दुनियाभर में रहने वाले भारतीय भी गर्व करते हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के उनके कार्यों से संतुष्ट न होने पर भी योगी ने करारा जवाब दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें कोई संतुष्ट कर भी नहीं पाएगा, ये लोग संतुष्ट होने वाले जीव हैं ही नहीं।
'जैसी दृष्टि, वैसी सृष्टि'
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 'जैसी दृष्टि, वैसी सृष्टि' मुहावरे का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी दृष्टि में ही खोट है। उनकी दृष्टि देश के लिए कभी भी सकारात्मक नहीं थी, बल्कि नकारात्मक ही है। मुख्यमंत्री ने कहा, पिछली सरकारों ने यूपी को बहुत खराब स्थिति में पहुंचा दिया था। पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्गदर्शन में हम यूपी को विकास के रास्ते पर लेकर आए हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद साल 1950 तक भारत की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान 14 फीसद था। उन्होंने प्रश्न करने के अंदाज में पूछा कि इन 70 वर्षों में ऐसी कौन सी परिस्थिति थी कि यूपी का योगदान लगातार कम होता गया और 2017 तक आते-आते यूपी का भारत की इकोनॉमी में योगदान मात्र 8 फीसद रह गया।
