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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दौड़ी गडकरी की नजर, 12 घंटे में सफर पूरा करने की तैयारी; MP में लिया जायजा

क्सप्रेसवे के पूरी तरह शुरू होने पर सड़क मार्ग के जरिये दिल्ली से मुंबई की दूरी मौजूदा 24 घंटे के मुकाबले महज 12 घंटे में तय की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि आठ लेन वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से वाहन दौड़ाए जा सकेंगे।

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी

भोपाल : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के मध्यप्रदेश के करीब 245 किलोमीटर लंबे हिस्से का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सड़क सुरक्षा तथा अन्य मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि कुल 1,350 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का करीब 245 किलोमीटर का हिस्सा मध्यप्रदेश के मंदसौर, रतलाम और झाबुआ जिलों से होकर गुजरता है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी एनएल येवतकर ने ’पीटीआई-भाषा’ को बताया,’’मध्यप्रदेश में एक्सप्रेसवे के सभी नौ पैकेज (खंड) का काम पहले ही पूरा हो चुका है। निरीक्षण के दौरान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने स्वयं हर पहलू का जायजा लिया और अधिकारियों से चर्चा करके वस्तुस्थिति समझी।

उन्होंने कहा कि गडकरी ने निरीक्षण के दौरान आठ लेन वाले एक्सप्रेसवे की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया और इसके साथ ही अधिकारियों को सड़क सुरक्षा, रख-रखाव और अन्य मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने बताया कि गडकरी का काफिला झाबुआ जिले में एक्सप्रेसवे के निरीक्षण के बाद इस मार्ग के जरिये गुजरात में दाखिल हो गया।

अधिकारियों के मुताबिक एक्सप्रेसवे के पूरी तरह शुरू होने पर सड़क मार्ग के जरिये दिल्ली से मुंबई की दूरी मौजूदा 24 घंटे के मुकाबले महज 12 घंटे में तय की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि आठ लेन वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से वाहन दौड़ाए जा सकेंगे।

दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway)

भारत माला परियोजना के तहत बनाया जा रहा है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अपने निर्माण कार्य अपने निर्माण के आखिरी दौर में है। हरियाणा के सोहना से लेकर सूरत तक जाने वाला 1350 किलोमीटर का यह सड़क मार्ग 6 राज्यों के कई शहरों को कवर करता है। इस परियोजना के पूरा होने से कई राज्यों के विभिन्न शहरों से की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और जयपुर, अहमदाबाद की ओर, वड़ोदरा, मुंबई एनएच-48 (पुराना एनएच 8) पर और कानपुर की ओर कनेक्ट किया जा सकेगा। एनएच 19 (पुराना एनएच 2) के माध्यम से लखनऊ, कोलकाता भी जा सकेंगे। दिल्‍ली-मुंबई एक्सप्रेसवे हरियाणा के सोहना से शुरू होकर राजस्थान, मध्‍य प्रदेश से होकर महाराष्‍ट्र तक जाएगा। इस लिहाज से जयपुर, अजमेर, किशनगढ़, कोटा, उदयपुर, चित्‍तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, भोपाल, उज्‍जैन, इंदौर, सूरत और आसपास के शहरे कनेक्‍टीविटी आसान हो जाएगी। 350 किमी. दूरी होगी कममौजूदा वक्त में दिल्‍ली से सूरत तक वाया रोड दूरी 1150 किमी. से अधिक है। वहीं, एक्‍सप्रेसवे निर्माण के बाद यही दूरी 800 किमी. तक पहुंच जाएगी। इस लिहाज से करीब 350 किमी. दूरी कम हो जाएगी। वहीं, ट्रेन से जाने में 1121 किमी. की दूरी सूरत तक पड़ती है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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