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NHAI ने तीन क्वार्टर में वसूला 501950000000 रुपये टोल, 18 लाख ट्रांजेक्शन गलत, लौटाने पड़े करोड़ों

सोचिए आपकी गाड़ी आपके घर के नीचे खड़ी हो और फोन पर टोल कटने का मैसेज आ जाए। FASTag लागू होने के बाद ऐसी लाखों शिकायतें मिली हैं। जिसमें NHAI को करोड़ों रुपये लौटाने पड़े हैं। पिछले तीन क्वार्टर में ही ऐसे 18 लाख ट्रांजेक्शन हुए हैं।

FASTag Toll Plaza.

कार घर से निकली भी नहीं और कट गया टोल!

501950000000 रुपये जी हां, 50195 करोड़ रुपये NHAI ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे नेटवर्क टोल की वसूली की है। लेकिन टोल वसूली को लेकर FASTag सिस्टम में गड़बड़ियों के चलते साल 2025 में 17.7 लाख मामलों में टोल शुल्क को रिफंड करना पड़ा है। रिफंड के इन लगभग 18 लाख मामलों में करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। अगर साधारण भाषा में कहें तो ये वो मामले हैं, जिनमें FASTag से टोल की वसूली गलत हुई। इसमें 35 फीसद मामले ऐसे भी थे, जब गाड़ी टोल प्लाजा पर गई ही नहीं, घर पर खड़ी थी और फिर भी FASTag वॉलेट से टोल कट गया।

जिस FASTag यूजर के अकाउंट से टोल की गलत वसूली हुई है, अगर वह ध्यान न दे और शिकायत न करे तो अपने आप रिफंड भी नहीं होता। इसलिए समय-समय पर अपने FASTag अकाउंट की जांच करते रहें, कहीं कोई गलत टोल तो नहीं कटा है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क परिवहन मंत्रालय अब टोल प्लाजा पर मैनुअल एंट्री के विकल्प को पूरी तरह खत्म करने पर विचार कर रहा है।

464 करोड़ FASTag ट्रांजैक्शन

कल यानी गुरुवार 29 जनवरी को लोकसभा में एक लिखित जवाब में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच 17.66 लाख ऐसे लेन-देन की रिपोर्ट दी है, जिनमें गलत टोल कटौती के कारण रिफंड किया गया। इस दौरान कुल 464 करोड़ FASTag ट्रांजैक्शन हुए, जिनके मुकाबले गलत कटौती के मामले महज 0.03 फीसद ही हैं।

क्यों होती है ऐसी गलती

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भले ही ऐसे मामलों की संख्या बहुत कम हो, लेकिन यात्रियों को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। ऐसा क्यों होता है, इस बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी तरह की तकनीकी समस्या आने पर टोल ऑपरेटर, गाड़ी का नंबर मैनुअली एंटर करते हैं, जिसमें गलती की संभावना बनी रहती है। इसी वजह से सरकार अब इस व्यवस्था को पूरी तरह से बंद करने का फैसला जल्द ही ले सकती है।

Toll Plaza पर लगने वाला समय हुआ कम

मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि FASTag लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर लगने वाले समय में काफी कमी आई है। पहले जहां मैनुअल टोलिंग सिस्टम में एक गाड़ी को औसतन 12.2 मिनट लगते थे, वहीं FASTag से यह समय घटकर महज 40 सेकंड तक रह गया है।

इसी बीच, सड़क परिवहन मंत्रालय ने टोल कलेक्शन से जुड़े आंकड़े भी शेयर किए। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे नेटवर्क से 50,195 करोड़ रुपये का टोल कलेक्शन हुआ है। वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 61,508 करोड़ रुपये की यूजर फीस यानी Toll वसूला गया था।

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Digpal Singh
Digpal Singh author

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी... और देखें

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