दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (
नर्मदा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1300 किमी होगी, लेकिन मध्य प्रदेश में यह 906 किमी लंबा होगा। बात सिर्फ मध्य प्रदेश की ही करें तो यह पूर्व अमरकंटक को पश्चिम में अलीराजपुर से जोड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे को नर्मदा प्रगति पथ नाम दिया गया है और यह मध्य प्रदेश के 12 जिलों से गुजरेगा। बाद में इसे अलीराजपुर से गुजरात में भरूच या अहमदाबाद तक 150 किमी और आगे बढ़ाया जाएगा।
कितने रुपये होंगे खर्च
नर्मदा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 31 हजार करोड़ रुपये है। कुल 8 लेन का यह एक्सप्रेसवे गुजरात को मध्य प्रदेश होते हुए छत्तीसगढ़ से जोड़ेगा। हालांकि, अभी इसके लिए टेंडर आदि का काम नहीं हुआ है, लेकिन इसे 2028-29 तक पूरा करने की योजना है। प्लान तो इस एक्सप्रेसवे को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने का भी है।
इन जिलों से गुजरेगा नर्मदा एक्सप्रेसवे
नर्मदा एक्सप्रेसवे तीन राज्यों को जोड़ेगा। लेकिन मध्य प्रदेश के कुल 12 जिलों को यह कनेक्टिविटी देगा। इसके अलावा यह कई अन्य जिलों को भी कनेक्ट करेगा। चलिए जानते हैं सभी 12 जिलों (Narmada Expressway Districts List) के नाम -
- अनुपुर (Anuppur)
- मंडला (Mandla)
- हरदा (Harda)
- उज्जैन (Ujjain)
- डिंडोरी (Dindori)
- जबलपुर (Jabalpur)
- होशंगाबाद (Hoshangabad)
- नरसिंहपुर (Narsinghpur)
- खंडवा (Khandwa)
- बरवानी (Barwani)
- खरगौन (Khargone)
- अलीराजपुर (Alirajpur)
अवसर लाएगा एक्सप्रेसवे
नर्मदा एक्सप्रेसवे के बन जाने से क्षेत्र में रीयल स्टेट मार्केट पर अच्छा असर पड़ेगा। आसपास के नगरों और उपनगरों तक पहुंच आसान होने से अफोर्डेबल घरों तक घर खरीदारों की पहुंच आसान हो जाएगी। इस एक्सप्रेसवे के साथ इंडस्ट्रियल ग्रोथ के साथ ही मध्य प्रदेश और गुजरात में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
