Nagpur News: महाराष्ट्र के नागपुर शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां डकैती के प्रयास के बाद भीड़ के हमले का शिकार हुए 28 साल के युवक की मौत हो गई। घटना मंगलवार को बेलतरोड़ी थाना क्षेत्र के पृथ्वीराज नगर इलाके में घटी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाने के बजाय पहले पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जिससे उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, सुमेध राजेंद्र गजभिए और उसका साथी दीपक पाटिल कथित तौर पर डिलीवरी बॉय बनकर एक महिला उषा धार्मिक के घर में घुसे थे। आरोप है कि सुमेध ने चाकू दिखाकर महिला को डराया और उसकी सोने की चेन छीन ली। महिला की बहू ने तुरंत अपने पति को इस घटना की सूचना दी, जो अपने कुछ दोस्तों के साथ मौके पर पहुंच गया। तलाश के दौरान उन्होंने सुमेध को पकड़ लिया, जबकि उसका साथी दीपक भागने में सफल रहा।
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गुस्साए लोगों की भीड़ ने कर दी जमकर पिटाई
इसके बाद गुस्साए लोगों की भीड़ ने सुमेध की जमकर पिटाई कर दी। घटना की सूचना मिलने पर बीट मार्शल मौके पर पहुंचा और सुमेध को बेलतरोड़ी पुलिस स्टेशन ले आया। पुलिस उपायुक्त (जोन IV) रश्मिता राव ने बताया कि सुमेध को दोपहर 3:31 बजे थाने लाया गया था। दोपहर 3:43 बजे उसने सीने में तेज दर्द की शिकायत की, जिसके तुरंत बाद उसे पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोपहर 4:20 बजे उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा मौत के कारणों का पता
पुलिस अधिकारी रश्मिता राव ने स्पष्ट किया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई है और थाने के भीतर किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट नहीं की गई है। शुरुआती जांच में शरीर पर कोई गंभीर बाहरी चोट के निशान नहीं दिखे हैं, इसलिए मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। दूसरी तरफ, संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और घटना के सिलसिले में अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
