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हिरासत में आत्महत्या रोकने के लिए मुंबई पुलिस का बड़ा कदम, लागू किया खास ड्रेस कोड

Custodial Deaths in Maharashtra: मुंबई पुलिस ने लॉकअप में आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए आरोपियों के लिए खास ड्रेस कोड लागू किया है। इसके तहत छोटे और सुरक्षित कपड़े दिए जा रहे हैं ताकि कोई खुद को नुकसान न पहुंचा सके।

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हिरासत में खुदकुशी रोकने के लिए मुंबई पुलिस का सख्त कदम

Photo : Times Now Digital

Custodial Deaths in Maharashtra: मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने हिरासत में होने वाली आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए एक नया और सख्त कदम उठाया है। अब पुलिस स्टेशनों के लॉकअप में रखे जाने वाले आरोपियों के लिए एक खास तरह का ड्रेस कोड लागू किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी आरोपी अपने कपड़ों का इस्तेमाल करके खुद को नुकसान न पहुंचा सके। हाल ही में एंटॉप हिल पुलिस स्टेशन में कुछ आरोपियों को मैरून रंग की हाफ स्लीव टी-शर्ट और काले शॉर्ट्स में देखा गया। यह नई व्यवस्था का हिस्सा है। पहले आरोपी अपने सामान्य कपड़ों में रहते थे, जिनमें शर्ट, पैंट या अन्य लंबे कपड़े शामिल होते थे। कई मामलों में इन्हीं कपड़ों का इस्तेमाल फंदा बनाने के लिए किया जाता था, जिससे गंभीर घटनाएं हो जाती थीं।

2020 से 2023 के बीच महाराष्ट्र में हिरासत के दौरान 50 से ज्यादा लोगों की मौत

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 से 2023 के बीच महाराष्ट्र में हिरासत के दौरान 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इनमें से कई मामलों में आत्महत्या की वजह सामने आई थी। ऐसी घटनाओं ने पुलिस प्रशासन को नई सुरक्षा व्यवस्था लागू करने के लिए मजबूर किया। कुछ समय पहले एक चर्चित मामले में एक आरोपी ने लॉकअप में चादर की मदद से अपनी जान ले ली थी। इस घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने का फैसला किया। अब सिर्फ कपड़ों में बदलाव ही नहीं, बल्कि लॉकअप के अंदर की व्यवस्था भी बदली जा रही है।

पुलिस ने लॉकअप के बाथरूम के दरवाजों के ऊपर और नीचे के हिस्सों को हटाने का भी फैसला किया है। इससे कोई भी आरोपी खुद को अंदर बंद करके कोई गलत कदम नहीं उठा सकेगा। इसके अलावा, पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों की मानसिक स्थिति पर भी ध्यान दे रही है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपियों को ये सुरक्षित कपड़े दिए जा रहे हैं, ताकि वे किसी भी तरह से खुद को नुकसान न पहुंचा सकें। मुंबई पुलिस का मानना है कि इन नए कदमों से हिरासत में होने वाली आत्महत्या की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकेगा और लोगों की जान बचाई जा सकेगी।

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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