मुंबई

Mumbai Crime: टीचर ने छात्रा का किया यौन उत्पीड़न, क्लास में ही किया कांड; POCSO की कार्रवाई

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक शिक्षक ने 11 वर्षीय छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया। आरोपी शिक्षक के खिलाफ POCSO अधिनियम के तहत पुलिस मामला दर्ज किया गया है।

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Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • मुंबई में टीचर ने छात्रा का किया यौन उत्पीड़न
  • कक्षा में बुलाकर बच्ची को किया बैड टच
  • आरोपी शिक्षक के खिलाफ POCSO की कार्रवाई

मुंबई: मायानगरी मुंबई अपराध से अछूती नहीं है। यहां भी बेटियां बाहर तो छोड़िए स्कूलों में भी सुरक्षित नहीं हैं। यहां कांदिवली में एक स्कूल शिक्षक द्वारा 11 वर्षीय लड़की का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया। कक्षा 7 के छात्र ने बुधवार को स्कूल अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। पुलिस शिकायत के अनुसार, उसने अपने प्रिंसिपल को बताया कि शिक्षक ने उसे कक्षा के बाद बुलाया था और उसे गलत तरीके से छुआ था। घटना जुलाई में घटी इसके बाद प्रिंसिपल ने उसके माता-पिता को सूचित किया, जिन्होंने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।

लड़की के बयान के आधार पर शिक्षक के खिलाफ सख्त POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत पुलिस मामला दर्ज किया गया है। शिक्षक को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। पुलिस साक्ष्य के लिए सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है।

कोलकाता कांड के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल

एनडीटी ने छपे लेख के मुताबिक, यह घटना कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में ड्यूटी के दौरान एक डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर हंगामे के बीच हुई है। देश भर में महिलाएं अपने लिए सुरक्षित परिवेश की मांग कर रही हैं - चाहे वह स्कूल, कार्यस्थल और सड़कें हों। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा प्रकाशित नवीनतम अपराध डेटा के अनुसार, 2022 में 63,414 POCSO मामले दर्ज किए गए।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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