मुंबई

'शरद पवार कभी हमारे दुश्मन नहीं रहे...', संजय राउत ने आखिर क्यों कही ये बात

Maharashtra Politics: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार की तुलना मराठा सेनापति महादजी शिंदे से की, जिन्होंने 18वीं शताब्दी में दिल्ली पर विजय प्राप्त की थी। उन्होंने कहा कि शरद पवार हमारे विरोधी नहीं हैं। वह कभी हमारे दुश्मन नहीं रहे।

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संजय राउत और शरद पवार (फोटो साभार: @rautsanjay61)

Photo : Twitter

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार पर निशाना साधने के कुछ दिनों बाद, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को वरिष्ठ नेता की तुलना मराठा सेनापति महादजी शिंदे से की, जिन्होंने 18वीं शताब्दी में दिल्ली पर विजय प्राप्त की थी।

शरद पवार के मुरीद हुए संजय राउत

यहां एक पुस्तक के विमोचन के लिए आयोजित समारोह में पवार के साथ मंच साझा करते हुए राज्यसभा सदस्य राउत ने राकांपा (एसपी) प्रमुख की प्रशंसा की और उन्हें ऐसा नेता बताया जिन्हें महाराष्ट्र दिल्ली में देखना चाहता है।

शिवसेना (यूबीटी) ने पिछले महीने पवार द्वारा एकनाथ शिंदे को सम्मानित किए जाने की आलोचना की थी। शिंदे को पुणे के एक गैर सरकारी संगठन द्वारा स्थापित महादजी शिंदे पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। शिंदे 2022 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार को गिराकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे।

संजय राउत ने क्या कुछ कहा?

नीलेश कुमार कुलकर्णी द्वारा लिखित पुस्तक ‘संसद ते सेंट्रा विस्टा’ (संसद से सेंट्रल विस्टा तक) का विमोचन करने के बाद राउत ने कहा, ‘‘शरद पवार हमारे विरोधी नहीं हैं। वह कभी हमारे दुश्मन नहीं रहे। वह हमारे मार्गदर्शक और हमारे नेता हैं। वह हमारे महादजी शिंदे हैं।’’

राउत ने कहा कि मराठा साम्राज्य के सेनापति दिल्ली में ‘किंगमेकर’ थे और उन्होंने दो बार विजय प्राप्त करने के बाद यहां शासकों की नियुक्ति की। हालांकि, राउत ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्थायी रूप से बसने के इरादे से दिल्ली आता है तो वह ऐसा नहीं कर सकता।

राउत ने कहा, ‘‘यह परिवर्तन का शहर है। बाहरी लोग यहां आते हैं, शासन करते हैं और वापस चले जाते हैं। जो लोग आज दिल्ली पर शासन कर रहे हैं, उन्हें भी वापस लौटना होगा। कुछ लोग राजस्थान लौट गए हैं और कुछ महाराष्ट्र लौट गए तथा कुछ गुजरात लौट जाएंगे।’’

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी कहा कि विश्वासघात और षड्यंत्र दिल्ली में जीवन का अभिन्न अंग हैं। पवार ने भी 1962-63 में कांग्रेस की बैठक के लिए दिल्ली की अपनी पहली यात्रा को याद करते हुए बताया कि कैसे वह और पार्टी में उनके कुछ साथी पहली बार जवाहरलाल नेहरू को देखकर अचंभित रह गए थे।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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