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मुंबई ट्रैफिक को मिलने वाला है नया ऑप्शन, अब शहर में दौड़ेंगी बिना ड्राइवर वाली पॉड टैक्सियां

मुंबई में जल्द ही पॉड टैक्सी सेवाएं (Pod Taxi Services) शुरू की जाएंगी। यह आधुनिक परिवहन सुविधा शहर में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और मौजूदा ट्रैफिक दबाव को कम करने में मददगार साबित होगी। आइए जानते हैं क्या होती है पॉड टैक्सी और मुंबई में कहां चलने वाली है ये सुविधा।

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ट्रैफिक दबाव कम करने की नई कवायद (AI Image)

Mumbai Pod Taxi: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में घोषणा की है कि मुंबई में पॉड टैक्सी सेवाओं की शुरुआत की जाएगी। यह नई सुविधा शहर में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को आसान बनाएगी और सड़कों के ट्रैफिक पर दबाव कम करने में मदद करेगी।

बांद्रा-कुर्ला क्षेत्र में अहम सेवा

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि पॉड टैक्सी सेवा विशेष रूप से कुर्ला और बांद्रा रेलवे स्टेशनों के बीच के बिजनेस जोन में लागू की जाएगी। इस क्षेत्र में जल्द ही बुलेट ट्रेन स्टेशन और नया मुंबई हाई कोर्ट परिसर बनने जा रहा है, जिससे यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होगा। ऐसे में पॉड टैक्सी एक महत्वपूर्ण परिवहन विकल्प साबित होगी।

सिंगल कार्ड सिस्टम से जुड़ाव

फडणवीस ने कहा कि मुंबई में सभी परिवहन साधनों को जोड़ने के लिए सिंगल-कार्ड सिस्टम तैयार किया जा रहा है। पॉड टैक्सी सेवा को भी इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि यात्रियों को एकीकृत और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को कुर्ला और बांद्रा स्टेशन क्षेत्र का विकास करने और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) को पॉड टैक्सी मार्गों से जोड़ने के निर्देश दिए।

पॉड टैक्सी क्या है?

पॉड टैक्सी पर्सनल रैपिड ट्रांज़िट (PRT) सिस्टम का हिस्सा है। यह पूरी तरह से ऑटोमेटिक, ड्राइवरलेस और इलेक्ट्रिक वाहन होते हैं, जो ऊंचे ट्रैक पर चलते हैं। इन टैक्सियों में आमतौर पर दो से छह यात्री बैठ सकते हैं। इन्हें निजी टैक्सी की तरह बुलाया जा सकता है, लेकिन ये खुद ब खुद से बिना चालक के केवल कंप्यूटर सिस्टम की मदद से चलते हैं।

फायदे और चुनौतियां

पॉड टैक्सी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह मौजूदा सड़कों के यातायात पर दबाव नहीं डालती और छोटी दूरी की यात्राओं के लिए निजी वाहनों का विकल्प बनती है। यह तेज, पॉइंट-टू-पॉइंट सेवा देती है और पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है। हालांकि, इसके लिए ऊंचे ट्रैक और स्टेशन बनाने में भारी लागत आती है और यह बड़े पैमाने पर यात्रियों के लिए उतनी कारगर नहीं है जितनी मेट्रो या बसें।

दुनिया में कई जगह चलती हैं ये ट्रेनें

दुनिया के कई शहरों में पॉड टैक्सी प्रणाली पहले से ही चल रही है। UAE के मसदर सिटी और लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर यह प्रणाली सफलतापूर्वक काम कर रही है। भारत में भी इसे लागू करने की योजना बनाई जा चुकी है। अमृतसर और गुरुग्राम में पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट पर विचार किया जा रहा है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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