8th Pay Commission को लेकर करीब 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 68 लाख से ज्यादा पेंशनर्स की नजर इस बात पर है कि नई सैलरी कब से लागू होगी और अगर आयोग की सिफारिशें देर से लागू होती हैं, तो क्या कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2026 से एरियर मिलेगा। फिलहाल सरकार ने पे रिवीजन की डेट तय नहीं की है। हालांकि, 8th Central Pay Commission के टर्म ऑफ रेफरेंस में सरकार ने कहा था कि पिछले 10 साल के ट्रेंड को देखते हुए इसकी सिफारिशों का असर सामान्य तौर पर 1 जनवरी, 2026 से अपेक्षित है।
8th CPC का गठन 3 नवंबर, 2025 को हुआ था और उसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। यानी सामान्य समय-सीमा के हिसाब से कमीशन को मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट देनी है। आयोग फिलहाल अलग-अलग राज्यों में कर्मचारी और पेंशनर संगठनों से बातचीत कर रहा है। आधिकारिक वेबसाइट पर अक्टूबर 2026 में Bengaluru और Mumbai में प्रस्तावित बैठकों की जानकारी भी दी गई है।
1 जनवरी 2026 से मिलेगा एरियर?
यही सबसे बड़ा सवाल है। सरकार के आधिकारिक बयान में 1 जनवरी, 2026 को 8th CPC के प्रभावी होने की सामान्य अपेक्षित तारीख बताया गया है, लेकिन इसे इसी दिन से लागू कर दिया जाएगा यह तय नहीं है। असली फैसला आयोग की सिफारिशों के बाद सरकार की मंजूरी और लागू करने के नोटिफिकेशन के बाद ही साफ होगा। हालांकि, सरकार रिवाइज्ड पे को 1 जनवरी, 2026 से बैक डेट में भी लागू कर सकती है और बाद मे इसके एरियर का भुगतान किया जा सकता है।
7th Pay Commission में कैसे निकला था एरियर?
8th CPC के संभावित एरियर को समझने के लिए 7th CPC का तरीका एक लॉजिकल रेफरेंस पॉइंट है। व्यय विभाग के सेंट्रल सिविल सर्विसेज (Revised Pay) रूल्स, 2016 में कहा गया था कि एरियर उस पीरियड के रिवाइज्ड पे और DA तथा उस अवधि में पुराने वेतन और DA के बीच के अंतर पर आधारित होंगे। 7th CPC की पे फिक्शेसन 2.57 का फिटमेंट फैक्टर इस्तेमाल किया गया था। लेकिन यहां एक जरूरी बात है कि 7th CPC का 2.57 फिटमेंट फैक्टर 8th CPC पर अपने आप लागू नहीं होगा। 8th CPC के लिए नया पे मैट्रिक्स और फिटमेंट मेकेनिज्म और अलाउंस अभी कमीशन की सिफारिशों से तय होने हैं।
