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मुंबई में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, भोजपुरी एक्ट्रेस गिरफ्तार

  • Edited by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 22, 2023, 07:46 AM IST

Mumbai Police: मुंबई पुलिस ने सुमन कुमारी नाम की भोजपुरी एक्ट्रेस को गिरफ्तार किया है। वह छह साल से मुंबई में रह रही थी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह कब से इस धंधु से जुड़ी हुई थी।

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मुंबई में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़

Photo : iStock

Mumbai Police: मुंबई पुलिस ने हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक भोजपुरी एक्ट्रेस को भी गरिफ्तार किया गया है। पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, भोजपुरी एक्ट्रेस सुमन कुमारी इस हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट में बिचौलिए का काम कर रही थी। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

इसके अलावा पुलिस ने मौके से तीन मॉडल्स को भी रेस्क्यू किया है। अधिकारियोंं के मुताबिक, इस सेक्स रैकेट के पीछे कई बड़े नाम हो सकते हैं, जिनके बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे ऑपरेशन को मुंबई पुलिस की सोशल सर्विस ब्रांच ने अंजाम दिया है।

होटल में चल रहा था धंधा

पुलिस ने बताया कि उन्हें आरे कॉलोनी में स्थित एक होटल में सेक्स रैकेट की जानकारी मिली थी। इसी गुप्त सूचना के आधार पर ऑपरेशन शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया, इस बात की पुख्ता सूचना थी कि इस सेक्स रैकेट के पीछे एक भोजपुरी एक्ट्रेस का हाथ है। वह एक दलाल के तौर पर इस सेक्स रैकेट से जुड़ी हुई है।

पुलिस ने भेजा फर्जी कस्टमर

अधिकारियों ने बताया, सेक्स रैकेट की जानकारी के बाद उनकी ओर से एक फर्जी कस्टमर भोजपुरी एक्ट्रेस सुमन कुमारी के पास भेजा गया। होटल में पहले से ही मॉडल्स मौजूद थीं। अधिकारियों के मुताबिक, 50 से 80 हजार के बीच डील हुई, जिसके बाद पुलिस ने पैसे लेते हुए सुमन कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है। जिन मॉडल्स को रेस्क्यू किया गया है, वह स्ट्रगल के दौर से गुजर रही हैं। वहीं सुमन कुमारी बीते छह साल से मुंबई में रह रही है, उसने कुछ फिल्मों व शो में काम किया है। हालांकि, अभी इस बात की जानकारी नहीं हो पाई है कि सुमन कितने दिनों से इस धंधे से जुड़ी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में पूछताछ जारी है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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