मुंबई

Mumbai: इन लोगों को मिलेंगे घर, नासिक प्रशासन का बड़ा फैसला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 23, 2023, 03:07 PM IST

Mumbai Crime News: इगतपुरी तालुका में कातकरी समुदाय के आदिवासियों के पुनर्वास के लिए नासिक जिला प्रशासन ने घर मुहैया करवाने का फैसला किया है। इस समुदाय के हर एक परिवार को 500 वर्गफीट का घर दिया जाएगा। इसके अलावा कातकरी समुदाय के बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए पालघर जिले की आश्रमशालाओं में भर्ती कराया जाएगा।

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कातकरी समुदाय के आदिवासियों के होगें पुनर्वास (प्रतीकात्मक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • कातकरी समुदाय के आदिवासियों का होगा पुनर्वास
  • नासिक जिला प्रशासन समुदाय को मुहैया कराएगा घर
  • अच्छी शिक्षा के लिए बच्चों के आश्रमशालाओं में भर्ती करवाया जाएगा

Mumbai Crime News: नासिक जिले के कातकरी समुदाय के आदिवासियों के लिए अच्छी खबर है। इस समुदाय के सुधार लिए जिला प्रशासन कई कदम उठा रहा है। अब इगतपुरी तालुका में कातकरी समुदाय के आदिवासियों के पुनर्वास के लिए प्रशासन ने घर मुहैया करवाने का फैसला किया है। जिला प्रशासन ने कातकरी समुदाय के हर एक परिवार को 500 वर्गफीट का घर देने और साथ ही बच्चों को पड़ोसी पालघर जिले की आश्रमशालाओं में भर्ती कराया जाएगा। ताकि उनका अच्छे से विकास हो सके।

कातकरी समुदाय राज्य की सबसे गरीब जनजातियों में से एक है। समुदाय के सदस्य निजी तौर पर झोपड़ियों में रहते हैं। कातकरी समुदाय के बच्चों को पड़ोसी जिले अहमदनगर में चरवाहों के रूप में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था और उन्हें किसान एक निश्चित राशि देते थे।

समुदाय की बुरी स्थिति ऐसे आई सामने

कातकरी समुदाय की बुरी स्थिति का मामला तब प्रकाश में आया जब इगतपुरी के उभड़े गांव की रहने वाली 10 वर्षीय लड़की का स्वास्थ्य अहमदनगर में एक किसान के घर में चरवाहे के रूप काम करते हुए बिगड़ गया था। बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति में लड़की को उसके माता-पिता की झोपड़ी के बाहर छोड़ दिया गया। हालांकि बच्ची को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई थी। अहमदनगर पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए चरवाहों के रूप में काम कर रहे ऐसे कम से कम 11 बच्चों को बचाया और उन्हें उनके माता-पिता को लौटा दिया। जिला प्रशासन ने अब समुदाय के उन लोगों के पुनर्वास के लिए एक योजना तैयार की है, जिनके पास कोई जमीन नहीं है।

निजी पार्टी से खरीदी गई 0.2 हेक्टेयर जमीन

चूंकि इन परिवारों के पास पैसा नहीं है, इसलिए आदिवासी विकास विभाग ने शबरी आवास योजना के माध्यम से उन्हें घर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पंडित दीनदयाल योजना के माध्यम से जिला प्रशासन की ओर से निजी पार्टी से जमीन खरीदी गई है। कुल 101 सदस्यों वाले 28 परिवारों को अब विभाग की ओर से खरीदे गए 0.2 हेक्टेयर पर 500 वर्गफुट घर मिलेंगे और उभड़े ग्राम पंचायत के नाम पर पंजीकृत किया जाएगा। जमीन ग्राम पंचायत की अभिरक्षा में रहेगी, हालांकि मकान व्यक्तियों के नाम पर होंगे। इसके अलावा, प्रशासन ने इन परिवारों के 50 बच्चों को पालघर की आश्रमशालाओं में प्रवेश देने का भी निर्णय लिया है ताकि वह शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर सकें और माता-पिता कभी-कभार उनसे मिल सकेंगें।
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