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Mumbai: जल्द बदलेगी गोदाघाट की तस्वीर, अगले हफ्ते से 500 साल से खराब पड़ीं सीढ़ियों की मरम्मत शुरू

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 10, 2023, 01:43 PM IST

Mumbai News : गोदावरी नदी से लगे गोदाघाट की तस्वीर बदलने वाली है। इस बात की जानकारी नासिक म्यूनिसिपल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एन एम एस सी डी सी एल) ने दी है। एनएमएससीडीसीएल की ओर से गोदावरी नदी की ओर जाने वाली प्राचीन सीढ़ियों की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।

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गोदाघाट की सीढ़ियों की होगी मरम्मत

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • गोदावरी नदी से लगे गोदाघाट की बदलेगी तस्वीर
  • एनएमएससीडीसीएल अगले हफ्ते से शुरू करेगा काम
  • 500 साल पुरानी सीढ़ियों की होगी मरम्मत


Mumbai News: आने वाले कुछ दिनों में गोदावरी नदी से लगे गोदाघाट की तस्वीर बिल्कुल बदलने वाली है। यहां मौजूद 500 साल पुरानी प्राचीन सीढ़ियों की मरम्मत का काम अगले हफ्ते से शुरू होने वाला है। इस बात की जानकारी नासिक म्युनिसिपल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएमएससीडीसीएल) ने दी है। एनएमएससीडीसीएल ने रविवार को कहा कि अगले सप्ताह से गोदावरी नदी की ओर जाने वाली प्राचीन सीढ़ियों के गोदाघाट का काम शुरू किया जाएगा। स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन इसके लिए राजस्थान के बेसाल्ट पत्थरों का इस्तेमाल करेगा।

एनएमएससीडीसीएल ने शनिवार को सीढ़ियों की मरम्मत में इस्तेमाल होने वाले पत्थरों के नमूनों की जांच भी की थी। वहीं पर्यावरणविदों ने राजस्थान बेसाल्ट पत्थरों का उपयोग करने के लिए एक स्मार्ट सिटी निगम पर सहमति व्यक्त की है। एनएमएससीडीसीएल ने बताया है कि 225 वर्ष से अधिक पुराने तीन छोटे मंदिरों की बाहरी दीवारों पर भी दरारें आ गई हैं।

बाढ़ में बह गया था बड़ा हिस्सा

गोदावरी नदी की ओर जाने वाली सीढ़ियों का एक बड़ा हिस्सा 500 साल से अधिक पुराना है और यह बीते दिनों सौंदर्यीकरण कार्यों के दौरान स्मार्ट सिटी द्वारा हटा दिया गया था, जो बाद में मानसून के दौरान बाढ़ के कारण बह गया था। जिसके बाद कई पर्यावरणविदों ने इसको लेकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने प्राचीन कदमों और धार्मिक संरचनाओं को ठीक करने के लिए स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन की मांग की थी। एनएमएससीडीसीएल के सीईओ सुमंत मोरे ने कहा है कि पर्यावरणविदों को राजस्थान के बेसाल्ट पत्थरों के बारे में बता दिया गया है, जो प्राचीन सीढ़ियों को ठीक करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं और पर्यावरणविद भी इसके लिए सहमत हैं।

नदी के तल से पानी निकालने की मिली मंजूरी

साथ ही एनएमएससीडीसीएल दुतोंड्या मारुती और गाडगे महाराज पुल के बीच यह भी पता लगाया जाएगा कि इस जगह में अन्य पत्थर है या नहीं है, क्योंकि पिछले साल मानसून के दौरान बाढ़ के कारण वह बह गए थे। नदी के तल में पाए जाने वाले पुराने पत्थरों सीढ़ियों के निर्माण कार्य में इस्तेमाल किया जाएगा। नासिक नगर निगम के आयुक्त चंद्रकांत पुलकुंडवार ने उक्त खंड में नदी के तल से पानी निकालने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। सीढ़ियों को ठीक करने का यह काम अगले सप्ताह शुरू होगा।

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