महाराष्ट्र के चंद्रपुर में बल्लारशाह रेलवे स्टेशन पर जयपुर-चेन्नई सुपर फास्ट ट्रेन की बी-5 बोगी का एसी खराब होने से यात्रियों ने जमकर हंगामा काटा। यात्रियों ने बताया कि जयपुर से ट्रेन निकली तभी से इस बोगी में एसी बंद था। कई बार शिकायत रेल कर्मचारियों से की गई, पर कुछ नहीं हुआ। जिन स्टेशनों पर ट्रेन रुकी वहां भी इस बाबत शिकायत गी गई, मगर रेलवे की ओर से हर बार अगले स्टेशन पर मरम्मत किए जाने का आश्वासन दिया गया। नतीजतन यात्रियों को अपना आधा सफर गर्मी में ही तय करना पड़ा।
आरोप है कि रेलवे की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई, लिहाजा यात्रियों के सब्र का बांध टूटा और उन्होंने बल्लारशाह रेलवे स्टेशन पर एसी ठीक करने की मांग को लेकर हंगामा काट दिया। ट्रेन जैसे ही आगे बढ़ती वैसे ही यात्री चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोकने लगे। यात्रियों ने तीन बार ऐसा किया और चेन खींचकर ट्रेन को करीब डेढ़ घंटा स्टेशन पर ही रोके रखा। इस बीच, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस और रेलवे प्रशाशन यात्रियों को समझाने की लाख कोशिश करते रहे, मगर यात्रियों ने उनकी एक न सुनी।
यात्री अड़े रहे कि जब तक एसी शुरू नहीं होता तब तक ट्रेन आगे नहीं बढ़ेगी। चिलचिलाती गर्मी के यात्रियों का हाल बड़ा खराब था और वे इस दौरान एसी बोगी में खुद को पेपर और तकिए से हवा लेकर राहत पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। पीड़ित मुसाफिर की ओर से टाइम्स नाऊ नवभारत को बताया गया- बल्लारशाह स्टेशन एक छोटा स्टेशन है। वहां एसी ठीक करने के लिए जानकर इलेक्ट्रीशियन नहीं है। फिर भी प्राथमिक तोर पर जांच की गई, लेकिन एसी ठीक नहीं हो पाया।
डेढ़ घंटे हंगामे के बाद बल्लारशाह स्टेशन के स्टेशन मास्टर आर. टी. नंदनवार ने यात्रियों को लिखित में एक पत्र दिया कि अगले वारंगल स्टेशन पर एसी ठीक कर दिया जाएगा, तब जाकर यात्री माने और ट्रेन आगे बढ़ सकी। यात्री के अनुसार, "एक तरफ हम बुलेट ट्रेन की बात कर रहे हैं। वन्दे भारत ट्रेन कई शहरों से शुरू की जा रही है, लेकिन सुपर फ़ास्ट ट्रेनों में इस प्रकार की घटनाएं रेल प्रशाशन के कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रही है।"
