NEET Result 2024: राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) के रिजल्ट जारी होने के बाद से ही इस पर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब इसमें एक नई कड़ी जुड़ गई है। महाराष्ट्र सरकार ने नीट के रिजल्ट में राज्य के छात्रों के साथ अन्याय होने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने पिछले महीने हुई नीट परीक्षा को तत्काल रद्द करने की मांग की है।
चार जून को आया था रिजल्ट
बता दें कि पिछले महीने 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर पांच मई को नीट-यूजी की परीक्षा आयोजित की गई थी। नीट परीक्षा के कई उम्मीदवारों ने इससे पहले आरोप लगाया था कि अंकों में वृद्धि के कारण रिकॉर्ड 67 उम्मीदवारों ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जिसमें हरियाणा के एक ही परीक्षा केंद्र से छह उम्मीदवार शामिल हैं। नीट का रिजल्ट चार जून को जारी किया गया था।
एनटीए ने दी सफाई
छात्रों द्वारा आरोप लगाये जाने पर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने सफाई दी है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परिणामों में अनियमितता के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में किए गए बदलाव और परीक्षा केंद्रों पर समय लगने पर दिए गए ग्रेस अंक कुछ ऐसे कारण कारण हैं जिनसे छात्रों को अधिक अंक मिले हैं।
क्या बोले महाराष्ट्र के मंत्री?
महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि शायद नीट की परीक्षाएं पैसे लेकर आयोजित की गई थीं। इसके परिणाम ऐसे हैं कि महाराष्ट्र के किसी भी छात्र को राज्य के सरकारी या निजी कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश नहीं मिलेगा।"
उन्होंने कहा कि इसमें महाराष्ट्र के छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। हम राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के समक्ष यह मुद्दा उठाएंगे। मुश्रीफ ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर अदालत का दरवाजा खटखटाने पर भी विचार कर रही है।
कांग्रेस ने भी उठाया मुद्दा
वहीं, कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि पहले नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ और अब छात्रों का आरोप है कि इसके परिणाम में भी भ्रष्टाचार हुआ है। एक ही परीक्षा केंद्र के छह छात्रों को 720 में से 720 अंक मिलने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और कई तरह की अनियमितताओं की बातें सामने आ रही हैं। दूसरी ओर, परिणाम आने के बाद देश भर में कई बच्चों के आत्महत्या करने की खबरें हैं। यह बहुत दुखद और झकझोरने वाला है।
उन्होंने सवाल किया कि सरकार लाखों छात्रों की आवाज को अनसुना क्यों कर रही है? प्रियंका गांधी ने कहा, "छात्र-छात्राओं को नीट परीक्षा के परिणाम में धांधली से जुड़े वाजिब सवालों के जवाब चाहिए। क्या सरकार की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वो जांच कराकर इन वाजिब शिकायतों का निस्तारण करे?"
