मुंबई

पहली बार गांव पहुंची सरकारी बस, खुशी से उछले लोग; बोले आजादी के बाद...

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के मरकनार गांव में पहली बार सरकारी बस सेवा का शुभारंभ हुआ है। पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल की पहल के तहत, स्थानीय निवासियों ने तिरंगा लहराकर इस सेवा का स्वागत किया। इस नई बस सेवा से गांव के 1,200 लोगों को लाभ मिलेगा।

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बस (फोटो-Istock)

गढ़चिरौली : जिले के मरकनार गांव में आजादी के बाद एक नया सपना साकार हुआ। दरअसल, यहां से पहली बार सरकारी बस सेवा शुरू की गई है। यह सेवा बुधवार को शुरू हुई, जब पहली बस गांव पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने तिरंगा लहराकर उसका स्वागत किया। पुलिस के अनुसार, इस सेवा से मरकनार और आसपास के गांवों के लगभग 1,200 निवासियों, विशेषकर छात्रों और मरीजों को लाभ होगा।

यहां तक होगी कनेक्टिविटी आसान

गढ़चिरौली पुलिस के प्रयासों के बाद यह सेवा शुरू की गई है, जो आदिवासी आबादी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए जाना जाता है। मरकनार गांव भामरागढ़ उपखंड में अबूझमाड़ की तलहटी में स्थित है, जो पहले नक्सलियों का गढ़ था। पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल की पहल पर शुरू की गई इस राज्य परिवहन सेवा का ग्रामीणों ने स्वागत किया। इस सेवा के माध्यम से मरकनार, मुरुंभुशी, फुलनार, कोपरशी, पोयारकोठी और गुंडुरवाही जैसे गांवों के निवासियों को यात्रा में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, गढ़चिरौली पुलिस ने दूरदराज के इलाकों में परिवहन को आसान बनाने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू की हैं।

हाल ही में, 1 जनवरी 2025 को गट्टा-गरदेवड़ा-वांगेतुरी मार्ग पर और 27 अप्रैल को कटेझर से गढ़चिरौली के लिए बस सेवा शुरू की गई। पिछले पांच वर्षों में, गढ़चिरौली पुलिस के संरक्षण में जिले में 420.95 किलोमीटर लंबी 20 सड़कें और 60 पुल बनाए गए हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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