मुंबई

'मैं उद्धव ठाकरे नहीं हूं...' आखिर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने क्यों कह दिया ऐसा?

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणवीस ने शिवसेना (यूटीबी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा तंज कसा है। सीएम फडणवीस ने कहा है कि मैं उद्धव ठाकरे नहीं हूं, जो चल रही परियोजनाओं पर रोक लगा दूं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मीडिया में गुणवत्तापूर्ण समाचारों और विपक्षी दलों की ओर से गुणवत्तापूर्ण आलोचना का अभाव है।

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देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे। (पुरानी तस्वीर)

Devendra Fadnavis vs Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (उबाठा) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर शुक्रवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि वह उनकी (ठाकरे) तरह नहीं हैं जो चल रही परियोजनाओं पर रोक लगा दें। राज्य विधानमंडल के संयुक्त सत्र में राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान फडणवीस ने कहा कि पिछली महायुति सरकार द्वारा लिए गए निर्णय अकेले एकनाथ शिंदे के नहीं थे, बल्कि समन्वय से लिए गए थे।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा- मैं उद्धव ठाकरे नहीं हूं...

मुख्यमंत्री ने सदन में कहा, 'मैं उद्धव ठाकरे नहीं हूं, जो चल रही परियोजनाओं पर रोक लगा दूं। एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री रहते हुए लिए गए फैसले अकेले उनके नहीं थे। वे मेरी और अजित पवार की भी जिम्मेदारी थे।' उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की महायुति सरकार समन्वय से काम करती है और गठबंधन के सभी नेता निर्णय लेने में शामिल होते हैं।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मीडिया में गुणवत्तापूर्ण समाचारों और विपक्षी दलों की ओर से गुणवत्तापूर्ण आलोचना का अभाव है। उन्होंने परियोजनाओं पर रोक लगाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, 'यहां तक कि अगर कोई संभागीय आयुक्त किसी योजना अथवा परियोजना पर रोक लगाता है, यदि वह केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों को पूरा नहीं करती है, तो ऐसा कहा जाता है कि मैंने रोक लगा दी है।'

'महाराष्ट्र में गुजरात की तुलना में तीन गुना अधिक निवेश'

फडणवीस ने कहा कि पिछले साल विधानसभा चुनाव में महायुति को भारी जनादेश मिला था। उन्होंने कहा, 'लोगों ने महायुति में अपना भरोसा जताया है और हम उनके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भविष्य की कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं।' मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने तालुका स्तर के कार्यालयों से लेकर मंत्रालय तक के लिए 100 दिन की कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें कार्यालय रिकॉर्ड में सुधार और जन-हितैषी शासन सुनिश्चित करना शामिल है।

उन्होंने कहा कि भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) 100 दिनों में प्रत्येक विभाग के कार्य के आधार पर उसका मूल्यांकन करेगी तथा अच्छा प्रदर्शन करने वालों को एक मई को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुंबई में देश की सबसे लंबी भूमिगत मेट्रो लाइन मेट्रो-3 लाइन जून 2025 तक पूरी तरह से चालू हो जाएगी जबकि सभी मेट्रो लाइनें 2027 तक चालू हो जाएंगी। फडणवीस ने निवेश आकर्षित करने के लिए गुजरात की कथित रूप से प्रशंसा करने पर विपक्षी दलों की आलोचना की तथा दावा किया कि महाराष्ट्र में गुजरात की तुलना में तीन गुना अधिक निवेश हुआ है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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