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मुंबई गणेशोत्सव 2025 : कैसी रहेगी मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था? इतने हजार CCTV-पुलिसकर्मी रखेंगे नजर; BMC ये सड़कें रखेगी बंद

Mumbai Ganeshotsav 2025: गणेश विसर्जन से संबंधित सड़कों पर 3000 से अधिक यातायात पुलिस कर्मी और 285 महाराष्ट्र सुरक्षा बल के जवान तैनात किए जाएंगे। यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए कुछ सड़कों पर मार्ग परिवर्तन किया जाएगा, जबकि कुछ सड़कें बंद रहेंगी। शहर में गणेश विसर्जन यात्रा में असुविधा से बचने के लिए शनिवार सुबह सात बजे से रविवार मध्यरात्रि तक सभी भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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मुंबई में गणेश मूर्ति विसर्जन की तैयारियां (फोटो-BMC)

Mumbai Ganeshotsav 2025: गणेशोत्सव के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर मूर्तियों के विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई में 21,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि पहली बार पुलिस यातायात प्रबंधन और ट्रैफिक संबंधी अन्य अद्यतन जानकारी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल करेगी। गिरगांव चौपाटी पर एआई आधारित नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जबकि प्रमुख गणपति मंडलों को क्यूआर कोड जारी किए गए हैं और विसर्जन यात्रा में भाग लेने वाले वाहनों के लिए स्टिकर भी जारी किए गए हैं। इससे पुलिस को वाहनों का पता लगाने, भीड़ पर नजर रखने आदि में मदद मिलेगी, ताकि वास्तविक समय में यातायात परिवर्तित किया जा सके।

अधिकारी ने बताया कि भीड़ और विसर्जन यात्रा पर नजर रखने के लिए जिन ड्रोनों का इस्तेमाल किया जाएगा, उनमें सार्वजनिक संबोधन प्रणाली के साथ-साथ सुरक्षा उद्देश्यों के लिए लाइट भी लगी होंगी। यह ड्रोन और शहर भर में लगे 10,000 सीसीटीवी कैमरे भीड़ पर नजर रखेंगे, जबकि निजी ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी ने प्रेस वार्ता में बताया कि 12 अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, 40 उप पुलिस आयुक्त, 61 सहायक पुलिस आयुक्त, 3,000 अधिकारी और 18,000 पुलिसकर्मी इस बल का हिस्सा होंगे। इसके अलावा राज्य आरक्षित पुलिस बल की 14 कंपनियां, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की चार कंपनियां, त्वरित प्रतिक्रिया दल और बम खोजी एवं निस्तारण दस्ता भी तैनात रहेगा। शहर में करीब 6,500 सार्वजनिक गणेश मूर्तियां और 1.75 लाख घरेलू मूर्तियां समुद्र तटों, अन्य जल निकायों और 205 कृत्रिम तालाबों में विसर्जित की जाएंगी। विसर्जन स्थलों पर जीवनरक्षक (तैराक) भी मौजूद रहेंगे।

वहीं बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शनिवार को मूर्तियों के विसर्जन को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की है और स्थिति को संभालने के लिए 10,000 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। शहर भर में स्थापित 70 प्राकृतिक जल निकायों और 298 कृत्रिम तालाबों में मूर्ति विसर्जन किया जाएगा। नगर निकाय ने श्रद्धालुओं से प्राकृतिक जल निकायों में प्रदूषण कम करने के लिए घरेलू और सामुदायिक गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाबों का चयन करने का आग्रह किया है।

बीएमसी ने क्या कहा?

बीएमसी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि प्राकृतिक जल निकायों और कृत्रिम तालाबों पर 2,178 जीवनरक्षक (तैराक) तैनात किए गए हैं, जबकि बचाव कार्यों के लिए 56 मोटरबोट की व्यवस्था की गई है। विसर्जन स्थलों पर अग्निशमन वाहन और प्रशिक्षित कर्मचारी भी तैनात रहेंगे। बीएमसी ने प्रमुख समुद्र तटों पर 1,175 स्टील प्लेटें लगाई हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मूर्तियों को ले जाने वाले वाहन रेत में न फंसें, तथा बड़ी मूर्तियों के विसर्जन में मदद के लिए लगभग 50 जर्मन राफ्ट की व्यवस्था की गई है।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कम से कम 594 निर्मल कलश (कचरा संग्रह पात्र) विसर्जन स्थलों पर रखे गए हैं और फूल एवं अन्य तरह के कचरे को ढोने के लिए 307 वाहनों की तैनाती की गई है। बीएमसी ने 245 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं, 129 निरीक्षण टावर बनाए हैं और विसर्जन स्थलों पर 42 क्रेन तैनात की गयी हैं। 236 प्राथमिक उपचार केंद्र और 115 एंबुलेंस विसर्जन स्थलों पर मौजूद रहेंगी। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 287 स्वागत द्वार बनाए गए हैं और 197 अस्थायी शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) अनिल कुंभारे ने कहा, "गणेश विसर्जन से संबंधित सड़कों पर 3000 से अधिक यातायात पुलिस कर्मी और 285 महाराष्ट्र सुरक्षा बल के जवान तैनात किए जाएंगे। यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए कुछ सड़कों पर मार्ग परिवर्तन किया जाएगा, जबकि कुछ सड़कें बंद रहेंगी। शहर में गणेश विसर्जन यात्रा में असुविधा से बचने के लिए शनिवार सुबह सात बजे से रविवार मध्यरात्रि तक सभी भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। गणेश मंडलों को निर्देश दिया गया है कि वे विसर्जन यात्रा के दौरान पुराने रेलवे पुलों पर न रुकें। एक समय में एक पुल से 100 लोगों को ही जाने की अनुमति देने की व्यवस्था है।

सरकार ने किया ये प्लान

गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि लाखों गणेशभक्त विसर्जन के दिन सड़कों पर होंगे। उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया जाएगा। सीएम के आदेश के अनुसारा सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनी जैसे AI कैमरा का भी इस्तमाल किया जाएगा। विसर्जन को लेकर जो धमकी भरा मैसेज आया है उसके सोर्स का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे किसी धमकी से लोगों को डरने की जरूरत नहीं है हमारी पुलिस सक्षम है और हर स्थित के लिए तैयार है। विसर्जन के दिन महिला भक्तों की सुरक्षा हमेशा की तरह अहम है। सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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