गोपालगंज में 12 वर्षीय छात्रा संजना पटेल की हत्या के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने फरार आरोपियों के दरवाजे पर ही शव का दाह-संस्कार कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। परिजन मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस आरोपियों की तलाश और मामले की जांच में जुटी है।
मामला गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र के खानपुर अजमत गांव का है। जानकारी के मुताबिक, पवन सिंह की 12 वर्षीय बेटी संजना को 12 अक्टूबर को उसके पड़ोसियों ने कथित तौर पर अगवा कर लिया था। इसके बाद उसकी कमरे में बंद कर हत्या कर दी गई। 14 अक्टूबर को आरोपियों के घर के पास छात्रा का खून से लथपथ शव बरामद हुआ था।
छात्रा के शरीर पर चोट के निशान
परिजनों ने छात्रा के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान होने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि संजना की हाथ की उंगलियां काट दी गई थीं, सिर के बाल नोचे गए थे और हाथ तोड़ दिए गए थे। परिजनों के मुताबिक, उसकी गर्दन पर भी धारदार हथियार से हमला किया गया था।
परिजनों का आरोप है कि बच्चों के बीच हुए मामूली विवाद के बाद संजना की हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को कुरियर बैग में डालकर ठिकाने लगाने की कोशिश की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंच गई। हालांकि, परिजनों का कहना है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो गए थे।
10 से 11 लोगों को नामजद
परिजन इस मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मामले में 10 से 11 लोगों को नामजद किया गया है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों में नाराजगी है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोपियों के दरवाजे पर ही संजना का अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
