Varanasi News: शारदीय नवरात्रि के मौके पर पूरे देश में गरबा और डांडिया की धूम है। गरबा पंडालों में देर रात तक लोग झूमते नजर आ रहे हैं। ऐसे में लोगों की खुशियों में खलल ना पड़े इसके मद्देनजर खास व्यवस्था की गई है। धर्मनगरी वाराणसी के गरबा पंडालों में मस्ती के साथ-साथ सख्त चेकिंग भी देखने को मिल रही है। शहर के कई बड़े लॉन में गरबा पंडालों में एंट्री से पहले आधार कार्ड चेक किया जा रहा है।
टीका और कलावा के बाद ही एंट्री
वाराणसी के गरबा पंडालों में आयोजकों ने इस बार नई व्यवस्था लागू की है। पंडाल में आने वाले हर युवक-युवती का सबसे पहले आधार कार्ड देखा जा रहा है। उसके बाद माथे पर टीका लगाया जा रहा है और हाथ में कलावा बांधा जा रहा है। जब आयोजक पूरी तरह संतुष्ट हो जाते हैं कि आने वाला व्यक्ति सनातनी है, तभी उसे पंडाल के अंदर जाने दिया जा रहा है।
बजरंग दल ने लगाया पोस्टर
हिंदूवादी संगठन बजरंग दल ने पहले ही ऐलान किया था कि गैर-सनातनियों को गरबा पंडाल में इंट्री नहीं दी जाएगी। इसी के तहत शहर के अलग अलग पंडालों में बजरंग दल के कार्यकर्ता पहरा देते नजर आये। पंडाल के मेन गेट पर चेतावनी पोस्टर लगाए गए थे, जिसमें गैर सनातनियों का प्रवेश निषेध बताया गया था। साथ ही पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी। बजरंग दल में नेता निखिल कुमार ने बताया कि हाल के सालों में गरबा की आड़ में गैर सनातनी हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते हैं। उन्हें प्रेम जाल में फंसाते हैं। कई लड़कियां लव जिहाद की शिकार हो चुकी हैं। ऐसे में जरूरी हो गया है कि विधर्मियों का प्रवेश रोका जाए। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना था कि उनका मकसद किसी की धर्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है।, बल्कि गरबा पंडालों में आने वाली बहन-बेटियों की सुरक्षा करना है।
लोगों ने बताया सही कदम
वहीं दूसरी तरफ गरबा पंडाल में डांडिया खेलने आई युवतियों और परिवारों ने इस पहल का स्वागत किया है। पंडाल में आई एक युवती ने कहा कि इस तरह की चेकिंग से हम ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। परिवार के साथ आए लोगों का कहना है कि भीड़-भाड़ वाली जगह पर सुरक्षा सबसे जरूरी है और आधार कार्ड चेक करना एक अच्छा कदम है। आयोजकों का भी कहना है कि वो प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रहे हैं ताकि नवरात्रि के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।
