मुंबई

नागपुर में मगरमच्छ को आया हार्ट अटैक, दो दिनों तक इलाज के बाद भी नहीं बचा पाए डॉक्टर

नागपुर के चिड़ियाघर में एक मगरमच्छ की हार्ट अटैक से मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसका दो दिनों तक इलाज भी किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

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फाइल फोटो।

Photo : iStock

इंसानों को हार्ट अटैक आना और उससे उसकी मौत होना आम बात हो गई है, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी मगरमच्छ को हार्ट अटैक आया हो। दरअसल, नागपुर के महाराज बाग प्राणी संग्रहालय में एक मगरमच्छ को हार्ट अटैक आया और उससे मगरमच्छ की मौत हो गई। महाराजबाग प्राणी संग्रहालय के प्रभारी अधिकारी सुनील बाविस्कर ने बताया कि 13 सितंबर को प्राणी संग्रहालय में मगरमच्छ की तबीयत अचानक बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने के बाद दो दिन तक उसका इलाज किया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।

इलाज के लिए बुलाए गए डॉक्टर

वर्ष 2009 मे वर्धा से दो मगरमच्छ और कुछ अन्य जीवों को वन विभाग ने रेस्क्यू कर महाराजबाग प्राणी संग्रहालय में लाए थे। पिछले कई साल से मगरमच्छ इस प्राणी संग्रहालय में था। तबीयत खराब होने के बाद मगरमच्छ एक्सपर्ट, रेपटाईल एक्सपर्ट के द्वारा इलाज किया गया, लेकिन मगरमच्छ की जान नहीं बच पाई। महाराजबाग प्राणी संग्रहालय परिसर मे मगरमच्छ का अंतिम संस्कार किया गया।

हॉर्ट अटैक से मगरमच्छ की मौत

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मगरमच्छ के शरीर में अधिक मात्रा मे फैट जमा हुआ था और हार्ट अटैक से उसकी मौत हुई है। हार्ट अटैक से मौत यह इंसानों में सामान्य बात मानी जाती है, लेकिन मगरमच्छ की हार्ट अटैक से मौत यह चौकानें वाली है।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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