Central Railway Motormen Protest: सेंट्रल रेलवे के मोटरमैनों ने सीएसटी स्टेशन पर अचानक "वर्क-टू-रूल" आंदोलन शुरू कर दिया, जिसके चलते ठाणे समेत कई स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। मोटरमैनों ने यह कदम खाली पदों की अधिक संख्या, बढ़ते कार्यभार और प्रबंधन के अनुचित व्यवहार के विरोध में उठाया है। उनका कहना है कि लंबे समय से स्टाफ की कमी के कारण उन पर अतिरिक्त काम का दबाव बढ़ गया है। साथ ही, उन्हें नौकरी से निकाले जाने की चेतावनी और असमान व्यवहार का भी सामना करना पड़ रहा है। इस आंदोलन के तहत मोटरमैन ओवरटाइम करने से इनकार कर रहे हैं और केवल निर्धारित नियमों के अनुसार ही काम कर रहे हैं। इस विरोध का असर मुंबई की लोकल ट्रेन सेवाओं पर पड़ा है। कई ट्रेनों में देरी हुई, जबकि कुछ सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी बीच, मुंब्रा हादसे के बाद रेलवे कर्मचारियों ने विरोध आंदोलन शुरू कर दिया है, जिसके चलते लोकल ट्रेन सेवाएं ठप हो गई हैं और हजारों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि इस आंदोलन की शुरुआत लोहमार्ग पुलिस द्वारा दो रेलवे अभियंताओं के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के विरोध में हुई है। इसी के चलते नेशनल रेलवे यूनियन ऑफ मेकॅनिक्स (NRUM) ने गुरुवार शाम विरोध मार्च निकाला। विरोध के दौरान कर्मचारियों ने ट्रेन सेवाएं रोक दीं, जिसमें मोटरमैन भी शामिल हो गए।
इस आकस्मिक आंदोलन के कारण मध्य और हार्बर मार्ग की कई लोकल ट्रेनें सीएसटी स्टेशन पर खड़ी रहीं, जिससे यात्रियों को घंटों तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। फिलहाल रेलवे प्रशासन और यूनियन के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता जारी है ताकि जल्द ही सेवाएं बहाल की जा सकें। दैनिक यात्रियों का कहना है कि हर बार जब किसी रेलवे कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होती है, यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाती है, जिससे आम जनता को असुविधा होती है। वहीं यूनियन का कहना है कि रेलवे कर्मचारियों पर आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज करना अनुचित है और इस तरह की कार्रवाई के खिलाफ वे एकजुट होकर विरोध जारी रखेंगे।
