मुंबई

BEST के चुनाव में नहीं चली उद्धव-राज की जोड़ी, ठाकरे ब्रदर्स को मिली हार जानिए क्या रहा रिजल्ट

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने पहली बार एकजुट होकर चुनावी मैदान में कदम रखा, लेकिन उनका उत्कर्ष पैनल बेस्ट एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के चुनाव में कोई भी सीट जीतने में असफल रहा। अब देखना होगा आगे ये गठजोड़ कैसा कदम उठाती है।

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ठाकरे बंधुओं को मिला हार का स्वाद (फाइल फोटो | PTI)

Photo : PTI

Mumbai: मुंबई की प्रतिष्ठित बेस्ट एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी चुनाव 2025 में ठाकरे बंधुओं को करारा झटका लगा है। दोनों नेताओं ने पहली बार मिलकर चुनावी गठबंधन किया था और ‘उत्कर्ष पैनल’ के बैनर तले मैदान में उतरे थे, लेकिन परिणाम बेहद चौंकाने वाले रहे। उनका पैनल एक भी सीट नहीं जीत सका, जिससे शिवसेना (उद्धव गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) की प्रतिष्ठा को गहरी चोट पहुंची है।

बेस्ट चुनाव में किसे मिली कितनी सीटें?

इस चुनाव में कुल 21 सीटों पर मुकाबला हुआ था। बेस्ट वर्कर्स यूनियन समर्थित शशांकराव पैनल ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 14 सीटें जीतीं। वहीं महायुति समर्थित सहकार समृद्धि पैनल ने 7 सीटों पर कब्जा जमाया। ठाकरे बंधुओं का ‘उत्कर्ष पैनल’ पूरी तरह से खाली हाथ लौट आया।

9 साल पुराना किला ध्वस्त

उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना की बेस्ट कामगार सेना और राज ठाकरे की कामगार कर्मकार सेना ने मिलकर इस बार ‘उत्कर्ष पैनल’ खड़ा किया था। बेस्ट क्रेडिट सोसाइटी पर पिछले 9 वर्षों से ठाकरे गुट का नियंत्रण था। लेकिन इस चुनाव में न केवल सत्ता हाथ से निकल गई, बल्कि ठाकरे बंधुओं की राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

महायुति और शशांकराव पैनल का दम

दूसरी ओर, महायुति ने बीजेपी विधायक प्रसाद लाड, प्रवीण दरेकर, नितेश राणे और शिंदे गुट के किरण पावस्कर की ताकत के साथ ‘सहकार समृद्धि पैनल’ उतारा और 7 सीटें जीतीं। वहीं, बेस्ट वर्कर्स यूनियन समर्थित शशांकराव पैनल ने सभी 21 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर 14 सीटों पर कब्जा जमाया।

आगामी बीएमसी चुनावों पर पड़ेगा असर?

यह चुनावी हार ऐसे समय में आई है जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियां आगामी बीएमसी चुनाव में गठबंधन की तैयारी कर रही हैं। बेस्ट सोसाइटी चुनाव को एक प्रकार की चुनावी परीक्षा माना जा रहा था, जिसमें ठाकरे ब्रदर्स पूरी तरह विफल रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह हार ठाकरे बंधुओं को आगामी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करेगी।

बेस्ट क्रेडिट सोसाइटी चुनाव के नतीजे बता रहे हैं कि ठाकरे बंधुओं की पहली साझेदारी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी। अब देखना होगा कि यह हार उन्हें आगामी नगर निगम चुनावों से पहले किस तरह की रणनीति बदलने में मदद करती है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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