महाराष्ट्र में कांग्रेस को मंगलवार (सात फरवरी, 2023) को तगड़ा झटका लगा है। पार्टी के सीनियर नेता बालासाहेब थोराट ने विधानसभा के सीएलपी (विधायक दल के नेता) पद से इस्तीफा दे दिया। रोचक बात यह है कि उनका यह इस्तीफा ऐसे दिन आया, जब वह उनका 70वां बर्थडे (सात फरवरी, 1953 को जन्म हुआ था) है।
वैसे, एक दिन पहले ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व को संदेसा पहुंचाया था कि वह वह महाराष्ट्र के मौजूदा अध्यक्ष नाना पटोले के साथ काम नहीं कर सकते हैं। दरअसल, वह नाना पटोले के साथ काम नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने इस बाबत कांग्रेस की पूर्व अंतरिम चीफ सोनिया गांधी को खत लिखकर अपने मन की बात बयान की थी।
सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि वह अपने फैसले पर अडिग हैं और इसे वापस नहीं लेंगे। करीबियों की मानें तो थोराट ने उन्हें दो फरवरी को त्यागपत्र भेजा था। उन्होंने इसमें साफ किया था कि पटोले के साथ काम करने में उन्हें मुश्किलें हो रही हैं।
हैरत की बात है कि पार्टी में सीनियर कद होने के बाद भी थोराट और उनके परिवार के खिलाफ बयानबाजी हुई थी और कुछ लोगों ने कथित तौर पर उनकी छवि को खराब करने के प्रयास किए थे। सूत्रों की ओर से यह भी कहा गया था कि पटोले "घमंडी" हैं।
वहीं, पटोले ने इस तरह के किसी पत्र लिखे जाने की बात को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि वह इस मसले पर तभी कुछ कह सकेंगे, जब उन्हें लेटर के भीतर की चीजों के बारे में कुछ पता चलेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे पत्र में थोराट ने यह भी कहा कि फैसले लिए जाने से पहले उनसे किसी प्रकार का राय-मशविरा नहीं किया गया। यह बात उनके सहयोगी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताई।
हालांकि, इस बीच यह भी सवाल उठ गया क्या थोराट बीजेपी का खेमा ज्वॉइन करेंगे। इन चर्चाओं के बीच भगवा पार्टी ने कहा कि उनके यहां हर किसी के लिए दरवाजे खुले हैं।
