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मुंबई में चलने वाली 88 फीसदी गाड़ियां प्राइवेट, सरकारी बस एक प्रतिशत से भी कम; नई रिपोर्ट से क्या-क्या पता चला

मुंबई में मार्च 2025 तक वाहनों की संख्या 50 लाख पार करेगी, जिनमें 88% निजी दोपहिया और कारें हैं। पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट 2024-25 रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। आइए जानते हैं क्या है इस रिपोर्ट में।

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बृहन्मुंबई महानगर पालिका की पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट 2024-25 से सामने आई जानकारी (सांकेतिक तस्वीर | iStock)

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Mumbai News: देश का कभी न सोने वाला शहर मुंबई और उसका सबूत है वहां सड़कों पर लगातार दौड़ती गाड़ियां। मुंबई की सड़कों पर चलने वाले 50 लाख से अधिक वाहनों में से लगभग 88 प्रतिशत निजी दोपहिया वाहन और कार हैं, जबकि सार्वजनिक परिवहन बस की संख्या एक प्रतिशत से भी कम है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

50 लाख से अधिक होने वाली हैं गाड़ियां

बृहन्मुंबई महानगर पालिका की ‘पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट 2024-25’ के अनुसार, मुंबई में वाहनों की संख्या 2024-25 में 50 लाख का आंकड़ा पार कर जाएगी। यह 2023 में 45 लाख 37 हजार 211 और 2024 में 47 लाख 59 हजार 976 से क्रमिक वृद्धि के साथ मार्च 2025 तक 50 लाख 54 हजार 907 हो जाएगी।

क्या है गाड़ियों का प्रतिशत

इस सप्ताह की शुरुआत में जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई की सड़कों पर चलने वाले कुल वाहनों में से दोपहिया वाहन (59.34 प्रतिशत) और कार, जीप एवं स्टेशन वैगन (28.72 प्रतिशत) 88 प्रतिशत हैं। शेष वाहनों में 5.02 प्रतिशत ऑटो रिक्शा, 3.27 प्रतिशत टैक्सी, 0.42 प्रतिशत मालवाहक वाहन, 0.02 प्रतिशत ट्रैक्टर/ट्रेलर और 2.72 प्रतिशत अन्य श्रेणी के वाहन शामिल हैं।

कितनी नई गाड़ियां हुईं रजिस्टर्ड

रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल 2024 और मार्च 2025 के बीच मुंबई में कम से कम 2.94 लाख नए वाहन पंजीकृत किए गए जो पंजीकरण में 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखा रहा है। नए पंजीकृत वाहनों में से 60.87 प्रतिशत दोपहिया वाहन हैं। इसके बाद कार, जीप एवं स्टेशन वैगन 23.94 प्रतिशत, टैक्सी एवं कैब 6.26 प्रतिशत, ऑटोरिक्शा 3.06 प्रतिशत और माल वाहन 4.43 प्रतिशत हैं। वाहनों की कुल संख्या में बसों की 0.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि ट्रैक्टर/ट्रेलर और अन्य वाहनों का योगदान क्रमशः केवल 0.09 प्रतिशत और 0.6 प्रतिशत है।

मुंबई में 78% पेट्रोल गाड़ियां

रिपोर्ट के अनुसार, शहर में सबसे अधिक 39.83 लाख (78.79 प्रतिशत) वाहन पेट्रोल से चलने वाले हैं और इसके बाद 5.63 लाख (11.15 प्रतिशत) डीजल और 4.36 लाख सीएनजी से चलने वाले हैं। मुंबई में केवल 48,854 इलेक्ट्रिक वाहन हैं, इसके बाद 11,418 वाहन एलपीजी और 10,832 अन्य ईंधन से चलते हैं।

बसों से कार्बन उत्सर्जन होगा कम

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) उपक्रम मार्च के अंत तक कुल 2,731 बस का संचालन कर रहा था। इन बस में 612 बेस्ट के स्वामित्व वाली और 2,119 ‘वेट-लीज मॉडल’ के तहत संचालित बसें शामिल हैं। ‘वेट लीज मॉडल’ के तहत, निजी संचालक बस के रखरखाव और चालकों के वेतन का भुगतान करते हैं। बेस्ट की कुल बस में से 91 प्रतिशत पर्यावरण-अनुकूल सीएनजी और इलेक्ट्रिक बस हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘2027 के अंत तक सभी बेस्ट बस इलेक्ट्रिक होंगी। इससे मुंबई शहर के प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी क्योंकि इन बस से प्रति वर्ष 3 लाख 18 हजार 296 टन कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा।’’

(इनपुट-भाषा)

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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