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मुंबई के चर्चगेट से शुरू हुई पहली 'लेडीज स्पेशल ट्रेन', 34 साल से महिलाओं की सुरक्षित यात्रा की बनी पहचान

मुंबई की तेज रफ्तार जिंदगी में लाखों महिलाओं के लिए लोकल ट्रेनें रोजाना का अहम सहारा हैं। इसी जरूरत को समझते हुए 5 मई 1992 को वेस्टर्न रेलवे ने ‘लेडीज स्पेशल’ ट्रेन सेवा की शुरुआत की। आज 34 साल बाद यह सेवा महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और सशक्तिकरण की एक मजबूत पहचान बन चुकी है।

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मुंबई की ‘लेडीज स्पेशल’ ट्रेन के 34 साल पूरे

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Mumbai Ladies Special Train: मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में रोजाना लाखों लोग लोकल ट्रेनों से सफर करते हैं। इस भीड़भाड़ के बीच कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल 5 मई 1992 को हुई थी, जब Indian Railways के अंतर्गत Western Railway ने दुनिया की पहली ‘लेडीज स्पेशल’ ट्रेन सेवा शुरू की। आज यह सेवा अपने 34 साल पूरे कर चुकी है और महिलाओं के लिए एक मजबूत सहारा बन चुकी है।

बढ़ती जरूरत से जन्मी पहल

1990 के दशक में मुंबई के दक्षिणी हिस्सों में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों में तेज़ी आई। इसके साथ ही कामकाजी महिलाओं की संख्या भी तेजी से बढ़ी, खासकर वे महिलाएं जो उपनगरों से शहर की ओर सफर करती थीं। भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में महिलाओं के लिए सुरक्षित सफर एक बड़ी चुनौती बन रहा था।

चर्चगेट से बोरीवली के बीच लेडीज स्पेशल ट्रेन

इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए 5 मई 1992 को चर्चगेट से बोरीवली के बीच पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन चलाई गई। बाद में 1993 में इस सेवा को विरार तक बढ़ा दिया गया। इस पहल ने महिलाओं को न सिर्फ भीड़ से राहत दी, बल्कि उन्हें बिना संघर्ष के ट्रेन में चढ़ने और उतरने की सुविधा भी दी।

सफर जो सिर्फ यात्रा नहीं, एक रिश्ता बन गया

समय के साथ लेडीज़ स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ी और इनकी लोकप्रियता भी लगातार बढ़ती गई। इन ट्रेनों में महिलाएं किसी भी कोच में बैठ सकती हैं, जिससे उन्हें अधिक जगह और सुविधा मिलती है। दिलचस्प बात यह है कि ये ट्रेनें सिर्फ सफर का माध्यम नहीं रहीं, बल्कि महिलाओं के बीच एक सामाजिक जुड़ाव का प्लेटफॉर्म बन गई हैं। रोज़ाना साथ सफर करने वाली महिलाएं एक-दूसरे की दोस्त बन जाती हैं, अपने अनुभव साझा करती हैं और एक मजबूत कम्युनिटी का निर्माण करती हैं।

हर वर्ग की महिलाओं के लिए राहत

यह सेवा खास तौर पर वरिष्ठ नागरिक महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुई है। पीक आवर्स में जहां सामान्य ट्रेनों में चढ़ना-उतरना मुश्किल होता है, वहीं लेडीज़ स्पेशल ट्रेनों ने इस परेशानी को काफी हद तक कम किया है।

आज ऐसे हैं हालात

वर्तमान में वेस्टर्न रेलवे द्वारा रोज़ाना 10 लेडीज़ स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जो सुबह और शाम के पीक आवर्स में UP और DOWN दोनों दिशाओं में चलती हैं।

UP सेवाएं (उपनगर से चर्चगेट की ओर):

  • विरार–चर्चगेट (07:35–09:15)
  • बोरीवली–चर्चगेट (07:40–08:46)
  • विरार–चर्चगेट (08:49–10:36)
  • भायंदर–चर्चगेट (09:06–10:30)
  • विरार–चर्चगेट (09:47–11:09)
  • वसई रोड–चर्चगेट (10:02–11:36)

DOWN सेवाएं (चर्चगेट से उपनगरों की ओर):

  • चर्चगेट–बोरीवली (17:39–18:47)
  • चर्चगेट–विरार (18:13–20:02)
  • चर्चगेट–विरार (18:51–20:40)
  • चर्चगेट–विरार (19:40–21:06)

समय के साथ विस्तार

इस सेवा का विस्तार कई चरणों में हुआ।

  • 5 मई 1992: चर्चगेट–बोरीवली पहली सेवा
  • 11 मई 1992: बोरीवली–चर्चगेट सेवा
  • 1 जुलाई 1993: दोनों सेवाएं विरार तक विस्तारित
1998, 2003, 2006, 2009, 2013 और 2018 के दौरान कई नई सेवाएं जोड़ी गईं और कुछ में बदलाव किए गए। इन बदलावों ने इस सेवा को और अधिक प्रभावी और यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप बनाया।

महिलाओं के सशक्तिकरण की मिसाल

'लेडीज स्पेशल' ट्रेन सेवा आज सिर्फ एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा का प्रतीक बन चुकी है। यह सेवा दिखाती है कि जब नीतियां संवेदनशीलता और जरूरत को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, तो वे समाज में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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