Udaipur News: त्रेता युग यानी रामायण काल के बाद एक बार फिर कलियुग में वानर सेना की ताकत देखने को मिली है। उदयपुर जिले के गोगुंदा इलाके के लॉसिंग गांव में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां बंदरों के झुंड ने एक किसान की जान बचा ली। बताया जा रहा है कि किसान तुलसीराम पालीवाल अपने खेत में गेहूं की फसल काट रहे थे। उसी दौरान पास की झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले के बीच ही आसपास मौजूद बंदरों के एक समूह ने तुरंत सक्रियता दिखाई और जोरदार तरीके से तेंदुए पर धावा बोल दिया। बंदरों के इस आक्रामक व्यवहार से घबराकर आदमखोर तेंदुआ वहां से भाग निकला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
पूरे क्षेत्र में डर का माहौल
इस हमले में किसान को पीठ और हाथ पर हल्की चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत लॉसिंग के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में डर का माहौल है। गांव के लोगों ने वन विभाग को इसकी जानकारी देकर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
वन विभाग ने पकड़ा था तेंदुआ
इससे पहले, 20 मार्च को शहर के आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही थीं। मावली उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मागंथला में पिछले एक सप्ताह से ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बने तेंदुए को आखिरकार वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया। तेंदुए के पकड़ में आने के बाद गांव में राहत का माहौल बन गया और लोग चैन की सांस ले सके। मीडिया के अनुसार, तेंदुआ लगातार गांव के आस-पास घूम रहा था। कई ग्रामीणों ने उसे बायण माता पहाड़ी के पास देखा था, जिससे इलाके में डर का माहौल बन गया था। शाम के समय लोग अपने घरों में सुरक्षित रहने को मजबूर हो गए थे, जबकि बच्चों और मवेशियों के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही थी।
ग्राम पंचायत के सरपंच युधिष्ठिर पुरोहित ने बताया कि तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी। इस पर तुरंत वन विभाग को सूचित किया गया। विभाग की टीम ने इलाके का निरीक्षण किया और तेंदुए को पकड़ने की योजना बनाई। वन विभाग ने बायण माता पहाड़ी के पास एक पिंजरा लगाया और उसमें शिकार का चारा रखा, ताकि तेंदुआ उसमें फंस सके। देर रात तेंदुआ चारे के लालच में पिंजरे में घुस गया और दरवाजा बंद हो गया। सुबह ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली और मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए, हर कोई तेंदुए को देखने के लिए उत्सुक था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम, जिसमें महिपाल सिंह और कमलेश कुमार शामिल थे, मौके पर पहुंची। टीम ने पूरी सावधानी से तेंदुए को कब्जे में लिया और उसे सुरक्षित तरीके से उदयपुर ले जाया गया।
