शहर

वापी रेलवे स्टेशन पर टला बड़ा हादसा, पटरियों पर पत्थर रखकर भागे शरारती तत्व, फिर...

गुजरात के वापी रेलवे स्टेशन के नजदीक किसी ने रेलवे ट्रैक पर सीमेंट का पत्थर रख दिया। हालांकि, किसी गाड़ी के आने से पहले ही रेलवे टीम ने उसे हटाकर ट्रैक को सुरक्षित कर लिया।

Image

वापी स्टेशन पर पटरी पर रखा पत्थर

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

मुख्य बातें

  • वापी रेलवे स्टेशन के पास शरारती तत्व ने पटरी पर रखा पत्थर
  • रेलवे प्रशासन ने आनन-फानन में ट्रैक को किया सुरक्षित
  • वापी रेलवे स्टेशन पर रेल हादसा होने से बचा

वापी रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार की देर रात एक शरारतीतत्व ने रेलवे ट्रैक पर सीमेंट का पिलर रखकर ट्रेन को पलटाने की कोशिश की थी। हालांकि, जैसे ही रेल विभाग को इस बात की जानकारी मिली तो तुरंत रेल प्रशासन मौके पर पहुंचा और ट्रैक पर रखे सीमेंट के पिलर को हटाया। अगर, समय से ट्रैक से भारी भरकम पत्थर नहीं हटाया जाता है तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

क्या कोई साजिश थी

बुधवार को रेलवे प्रशासन के कई आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। सीमेंट का वो पिलर रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंचा? किसने रखा होगा ? और क्या किसी बड़ी साजिश के तहत ऐसी हरकत की गई थी ? जिसकी जानकारी जुटाने के लिए रेल प्रशासन और रेलवे पुलिस समेत अन्य एजेंसी ने जांच तेज की। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों वलसाड जिले के रेलवे ट्रैक को सुरक्षित रखने की आवश्यक सूचना दी।

पहले भी हो चुका है कांड

आपको बता दें कि जिले में पहले भी रेलवे ट्रैक पर बैरिकेडिंग रख कर ट्रेन को पलटाने की कोशिश की घटनाएं घट चुकी हैं। लेकिन, पिछली घटनाओं में भी रेलवे विभाग को ऐसी साजिशों को सफलतापूर्वक रोकने में कामयाबी मिली थी, जिसके चलते कोई बड़ी घटना नहीं हुई। लेकिन, ऐसी घटनाएं बार-बार होना रेल प्रशासन के लिए एक इशारे की तरह है। लिहाजा, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें