मुंबई के मीरा रोड में सामने आए ISIS संदिग्ध मामले में महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने 31 वर्षीय आरोपी ज़ुबैर अंसारी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को सोमवार को विशेष UAPA कोर्ट ने 11 मई तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया है।
आरोपी जुबैर की पहली पुलिस हिरासत सोमवार को खत्म हो गई। जिसके बाद उसे विशेष UAPA कोर्ट में पेश किया गया। ATS ने मामले में आगे की जांच के लिए अदालत में अतिरिक्त कस्टडी की मांग की। कोर्ट ने एजेंसी की दलीलों को स्वीकार करते हुए 11 मई तक अंसारी की हिरासत बढ़ा दी है। अब जांच एजेंसियां आरोपी के इरादे, संभावित नेटवर्क और किसी बड़ी साजिश से जुड़े पहलुओं की गहनता से जांच कर रही हैं।
आरोपी ने डेटा मिटाने के लिए मोबाइल किया फॉर्मेट
सरकारी पक्ष ने अदालत में बताया कि आरोपी से जुड़े कुछ संदिग्ध वॉइस कॉल्स और संभावित इंटरनेशनल नेटवर्क की जांच बहुत जरूरी है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि अंसारी ने सबूत मिटाने का प्रयास किया है। बताया गया कि आरोपी के पास तीन मोबाइल फोन हैं, जिन्हें उसने जब्त होने से पहले फॉर्मेट कर दिया था, जिससे अहम डेटा नष्ट हो सकता है। एजेंसियां अब यह भी जांच रही हैं कि क्या आरोपी का डार्क वेब से कोई संबंध था।
आरोपी का अबू धाबी में ऑनलाइन ट्यूशन पढ़ाने का दावा
पूछताछ के दौरान आरोपी जुबैर अंसारी ने दावा किया कि वह अबू धाबी स्थित एक संस्थान के लिए ऑनलाइन गणित और रसायन विज्ञान की ट्यूशन देता था। ATS अब उसके इस दावे की भी पुष्टि कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इसका मामले से कोई संबंध है या नहीं। जांच अभी जारी है। ATS ने तीनों फोन जब्त कर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेज दिए हैं, जहां से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश की जाएगी। एजेंसियां अब आरोपी की गतिविधियों, कनेक्शन और मंशा को लेकर हर एंगल से जांच कर रही हैं।
